PVUNL की ऐश यूज़र मीट-2026: 'अपशिष्ट से समृद्धि' की दिशा में बड़ा कदम, रांची में जुटे विशेषज्ञ
नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों और फ्लाई ऐश उपयोगकर्ताओं ने लिया भाग
पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) ने रांची में द्वितीय ऐश यूज़र मीट-2026 का सफल आयोजन किया। "अपशिष्ट से समृद्धि तक : परिवर्तन की सशक्त एवं सतत यात्रा" विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने फ्लाई ऐश के नवाचारपूर्ण एवं सतत उपयोग पर विचार साझा किए।
रांची: एनटीपीसी लिमिटेड एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के संयुक्त उपक्रम पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) द्वारा 18 जुलाई 2026 को रांची में द्वितीय ऐश यूज़र मीट–2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था “अपशिष्ट से समृद्धि तक : परिवर्तन की सशक्त एवं सतत यात्रा”। इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, अवसंरचना विशेषज्ञों एवं फ्लाई ऐश उपयोगकर्ताओं ने भाग लेकर फ्लाई ऐश एवं उससे जुड़े उप-उत्पादों के नवाचारपूर्ण एवं सतत उपयोग पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अबूबक्कर सिद्दीक पी., आईएएस, माननीय सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग; कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार थे। अशोक कुमार सहगल ने सभी अतिथि का शॉल एंड प्लांटर से स्वागत किया ।


अपने संबोधन में ए. के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल ने कहा कि ऐश को अब अपशिष्ट नहीं, बल्कि देश के लिए एक बहुमूल्य संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए, जो सतत अवसंरचना विकास एवं आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पीवीयूएनएल की “ऐश टू एसेट” की अवधारणा को साकार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि पीवीयूएनएल प्लांट द्वारा ड्राई बॉटम ऐश हैंडलिंग प्रणाली, जल संरक्षण के लिए एयर-कूल्ड कंडेंसर (ACC) तकनीक, तथा विभिन्न क्षेत्रों में फ्लाई ऐश के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने हेतु अनेक पहल की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीवीयूएनएल स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को फ्लाई ऐश से मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण हेतु प्रशिक्षण एवं कौशल विकास प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे आजीविका के नए अवसर सृजित होने के साथ-साथ सर्कुलर इकोनॉमी को भी बढ़ावा मिल रहा है।
कार्यक्रम में वी. सुरेश की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सतत निर्माण एवं अवसंरचना विकास में फ्लाई ऐश के उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
तकनीकी सत्र के दौरान सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के आर. एभिन मस्तो ने फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक एवं नवाचारपूर्ण उपयोग पर अपने विचार साझा किए। वहीं एनपीजीसी के वरिष्ठ प्रबंधक श्रीमति अपूर्व प्रकाश ने कार्बन मार्केट विषय पर प्रस्तुति देते हुए सतत औद्योगिक प्रक्रियाओं के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा नए आर्थिक अवसरों की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। धनबाद के प्रोफ़ेस ने भी ऐश पर प्रेजेंटेशन प्रेजेंट किया।
कार्यक्रम के दौरान फ्लाई ऐश के अधिकतम उपयोग, पर्यावरण-अनुकूल निर्माण पद्धतियों को बढ़ावा देने, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा सरकारी विभागों, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योग जगत के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का समापन सभी हितधारकों द्वारा प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं आपसी सहयोग के माध्यम से “अपशिष्ट से समृद्धि” की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर पीवीयूएनएल ने एक बार फिर हरित, स्वच्छ एवं सतत भविष्य के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


