अयातुल्ला खामेनेई ज़िंदाबाद: रांची में मुस्लिम समुदाय ने जताया शोक और विरोध
प्रधानमंत्री मोदी से भारतीयों की सुरक्षित वापसी की अपील
रांची में जाफरिया मस्जिद से अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत पर विरोध जुलूस निकाला गया। इस दौरान अमेरिका और इज़राइल मुर्दाबाद के नारे लगाए गए, और खामेनेई ज़िंदाबाद के नारे गूंज उठे। मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिज़वी ने कहा कि खामेनेई सिर्फ शियाओं के लीडर नहीं थे, बल्कि मुस्लिम राष्ट्र की एकता के अलंबरदार थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि दूसरे देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जाए।
रांची: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत की खबर से पूरी दुनिया में शोक की लहर है। रांची भी इससे अछूता नहीं है।
जाफरिया मस्जिद के इमाम व खतीब हजरत मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिज़वी ने जुहर की नमाज अदा करने के बाद मस्जिद में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई सिर्फ शियाओं के लीडर ही नहीं थे, बल्कि वे मुस्लिम राष्ट्र की एकता के अलंबरदार थे।

हज़रत मौलाना सैयद तहिजुल हसन रिज़वी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि दूसरे देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने की गुज़ारिश की जाए।
इस जुलूस में अंजुमन जाफरिया और मस्जिद जाफरिया के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस मौके पर सैयद नेहाल हुसैन सरियावी, अशरफ हुसैन रिज़वी, एसएच फातेमी, सैयद शाहरुख हसन रिज़वी, जुहैर बाकर, फ़राज़ अहमद, इकबाल हुसैन, शब्बर फातेमी, सैयद अत्ता इमाम रिज़वी, सुरूर रज़ा, फ़राज़ अब्बास, हसनैन ज़ैदी, नदीम खान, हाजी फिरोज जिलानी और सैकड़ों अन्य लोग मौजूद थे।
