EXCLUSIVE : अप्रैल से शुरू हो गया सत्र, लेकिन जून तक नहीं तय हुआ झारखंड का शिक्षा बजट! RTI में बड़ा खुलासा
समग्र शिक्षा योजना की PAB रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं, स्कूलों के विकास कार्यों पर मंडरा रहा संकट
RTI के जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि झारखंड के लिए समग्र शिक्षा योजना 2026-27 की PAB कार्यवाही जुलाई 2026 तक सार्वजनिक होगी। वित्तीय वर्ष शुरू होने के बावजूद राज्य को अभी तक अंतिम स्वीकृत बजट की जानकारी नहीं है।
रांची/नई दिल्ली: झारखंड की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और चिंताजनक खुलासा सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्य को यह नहीं पता कि समग्र शिक्षा योजना के तहत उसे कितना बजट मिलेगा। यह तथ्य शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त आधिकारिक जवाब में सामने आया है।
RTI आवेदक सुरेंद्र पांडे को भेजे गए जवाब में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार ने स्वीकार किया है कि झारखंड के लिए वर्ष 2026-27 की Annual Work Plan & Budget (AWP&B) पर विचार करने वाली Project Approval Board (PAB) की प्रमाणित कार्यवाही (Minutes) जुलाई 2026 के मध्य तक ही सार्वजनिक की जाएगी।
जब सत्र शुरू हो चुका, तो बजट का इंतजार क्यों?

तीन साल में घटी झारखंड की शिक्षा योजना

वित्तीय वर्ष स्वीकृत कार्य योजना एवं बजट
2023-24 ₹2734.42 करोड़
2024-25 ₹2840.32 करोड़
2025-26 ₹2139.26 करोड़
आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में स्वीकृत बजट में लगभग ₹701 करोड़ की कमी दर्ज की गई।
केंद्र ने कितनी राशि जारी की?
RTI जवाब में केंद्र सरकार द्वारा जारी राशि का भी ब्यौरा दिया गया है
2023-24 : ₹1104.93 करोड़
2024-25 : ₹1074.45 करोड़
2025-26 : ₹1118.92 करोड़
हालांकि राज्य सरकार द्वारा खर्च की गई राशि और विभिन्न मदों में हुए व्यय का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
लाखों विद्यार्थियों का जुड़ा है भविष्य
समग्र शिक्षा योजना के तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास से लेकर शिक्षकों के प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा तक के अधिकांश कार्यक्रम संचालित होते हैं। ऐसे में बजट स्वीकृति और PAB की कार्यवाही सार्वजनिक होने में देरी का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों और हजारों विद्यालयों पर पड़ सकता है।
बड़ा सवाल
जब नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए ढाई महीने बीत चुके हैं, तो क्या झारखंड के स्कूल बिना अंतिम स्वीकृत बजट के ही योजनाएं संचालित कर रहे हैं? और यदि हां, तो विकास कार्यों एवं नई योजनाओं का क्रियान्वयन किस आधार पर हो रहा है?
RTI से सामने आए इस खुलासे ने शिक्षा विभाग की योजना निर्माण और बजट स्वीकृति प्रक्रिया पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।


