राज्यसभा चुनाव में बड़ा खेल! क्रॉस वोटिंग से पलट सकता है पूरा समीकरण, नाथवानी की बढ़ी बढ़त?
चुनाव परिणाम से पहले रांची, दिल्ली और पटना तक सियासी हलचल तेज
झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की संभावित जीत और क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है।
सुनील सिंह
रांची: राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की जीत की पटकथा पर्दे के पीछे लिखी जा चुकी है। अब सिर्फ परिणाम का इंतजार है। क्रॉस वोटिंग का प्लांट तैयार है।


राजद के विधायक पिछले दिनों लालू यादव के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बहाने पटना गए थे। राज्यसभा चुनाव में क्या करना है, लालू और तेजस्वी ने अपने विधायकों को संदेश दे दिया है। इशारा है— बिहार का बदला झारखंड में। बाकी बातें पर्दे के पीछे हैं। नाथवानी की मुलाकात दिल्ली में इस पार्टी के बड़े नेताओं से पिछले दिनों हुई थी।
इधर, सरकार को समर्थन दे रहे दो-तीन विधायक नाथवानी के संपर्क में हैं। इन लोगों ने साथ देने का भरोसा दिया है। जयराम महतो भी नाथवानी के साथ ही जाएंगे, इसकी पूरी संभावना है।
इधर, इंडिया गठबंधन को एकजुट करने की कोशिश तो हो रही है, लेकिन इसमें कितनी सफलता मिलेगी, यह चुनाव परिणाम बताएगा। झामुमो और कांग्रेस के अंदरखाने भी सब कुछ ठीक नहीं है। इसका असर परिणाम पर पड़ सकता है।
राजनीतिक हलकों में सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर कांग्रेस प्रत्याशी की हार होती है, तो सरकार का भविष्य क्या होगा? कांग्रेस क्या करेगी?
संभावना है कि कांग्रेस सरकार से बाहर नहीं जाएगी, क्योंकि उसकी अपनी राजनीतिक मजबूरी है।
सरकार को लेकर फैसला हेमंत सोरेन को लेना है। हेमंत सोरेन जब तक चाहेंगे, कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाएंगे। यदि वह कोई नया समीकरण बनाते हैं, तो इसका फैसला भी उन्हीं को लेना है। सब कुछ हेमंत सोरेन के हाथ में ही है।
18 जून की तिथि झारखंड की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होने वाली है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


