CBI जांच से ही बहाल होगा अभ्यर्थियों का विश्वास: सांसद विष्णु दयाल राम
वर्ष 2019 से अब तक की विवादित भर्ती परीक्षाओं की स्वतंत्र जांच की मांग
JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने स्वतंत्र CBI जांच की मांग की है। उन्होंने वर्ष 2019 से अब तक आयोजित विवादित भर्ती परीक्षाओं, विशेषकर 14वीं JPSC PT, 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL की जांच कराने की मांग उठाई।
पलामू: JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों का स्थायी व निष्पक्ष समाधान करने की अपील की है।
सांसद ने वर्ष 2019 से अब तक आयोजित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं—विशेषकर 14वीं JPSC PT, 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL—की स्वतंत्र CBI जांच कराने की मांग उठाई है।पारदर्शिता पर उठाए सवाल: उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार खुद JSSC-CGL व अन्य परीक्षाओं को रद्द कर चुकी है, तो निष्पक्ष CBI जांच कराने से पीछे क्यों हट रही है?
न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान: उच्च न्यायालय द्वारा कैबिनेट निर्णय पर लगाए गए अंतरिम स्टे के संदर्भ में सांसद ने कहा कि सरकार को कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे निर्दोष अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हो और दोषी सजा पाएँ।
स्थायी समाधान की जरूरत: परीक्षाओं की साख और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए भर्ती प्रक्रिया में ठोस और पारदर्शी तंत्र स्थापित करने की पुरजोर वकालत की।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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