सड़क की मरम्मति के लिए ग्रामीणों ने की भगवान की पूजा-अर्चना
वर्षों से जर्जर सड़क की मरम्मत का इंतजार
खूंटी जिले के बिचना-बांधटोली गांव के ग्रामीणों ने वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क की मरम्मत नहीं होने पर अनोखा तरीका अपनाया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद समाधान नहीं मिलने पर ग्रामीण सड़क पर ही पूजा-अर्चना करने पहुंच गए।
खूंटी: लोकतंत्र में आमतौर पर लोग अपनी समस्याएं जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाते हैं, लेकिन खूंटी जिले के बिचना-बांधटोली के ग्रामीणों ने शायद यह मान लिया है कि उनकी फरियाद धरती पर सुनने वाला कोई नहीं बचा। इसलिए अब उन्होंने सीधे "ऊपर" अपील कर दी है।
करीब 5.5 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग वर्षों से अधर में लटकी रही, तो गुरुवार को ग्रामीण सड़क पर ही पूजा की थाली, अगरबत्ती, फूल, प्रसाद और जल लेकर पहुंच गए। बांधटोली मोड़ के पास पाहन रॉकन और पंडित छत्रपाल नाथ कर ने विधि-विधान से पूजा कर सिंडबोंगा और ग्राम देवताओं से प्रार्थना की कि वे सरकार को शायद इस सड़क की याद दिला दें।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक साल में आवेदन दिए, अधिकारियों के चक्कर लगाए, जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन सड़क के गड्ढे और गहरे होते गए। आखिरकार ग्रामसभा ने तय किया कि जब इंसानी दरबार में सुनवाई नहीं हो रही, तो अब भगवान की अदालत में ही याचिका दायर की जाए।
दरअसल, पेलौल के पास बनई नदी का पुल टूटने के बाद यह ग्रामीण सड़क वैकल्पिक मार्ग बन गई। भारी वाहनों की आवाजाही ने सड़क को इस कदर तोड़ दिया कि अब जगह-जगह दो-तीन फीट गहरे गड्ढे हैं।
बरसात में ये गड्ढे सड़क कम और छोटे-छोटे तालाब ज्यादा नजर आते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों तक सभी परेशान हैं।
ग्रामीणों ने सिर्फ शिकायत ही नहीं की, बल्कि कई जगह श्रमदान कर सड़क भरने की कोशिश भी की। मगर यह कोशिश भी उसी तरह बह गई, जैसे बारिश में सड़क का अलकतरा बह गया।
खूंटी में यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले मुरहू प्रखंड जे सांडीगांव के ग्रामीण भी सड़क निर्माण की आस में पूजा-पाठ कर चुके हैं।
पूजा में पंचायत समिति सदस्य रोशन लाल गौंझू, ग्रामप्रधान फागू मुंडा, सचिव प्रसुन्न कुमार मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


