Jamshedpur News: 190 लोको पायलटों को दिया गया आपदा प्रबंधन और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण
दुर्घटनास्थल पर तमाशबीन नहीं, मददगार की भूमिका निभाने का दिया संदेश
इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में सोमवार को रेल सिविल डिफेंस की ओर से 190 लोको पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में दुर्घटना एवं आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन की जानकारी दी गई। रांची, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, डांगवापोसी, आद्रा, खड़गपुर, संतरागाछी और टाटानगर से लोको पायलट शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान ट्रायेज, CPR, रक्तस्राव रोकने, बैंडेज लगाने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और गोल्डन आवर में किए जाने वाले जरूरी उपायों का अभ्यास कराया गया। अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल का मॉक ड्रिल भी हुआ।
पूर्वी सिंहभूम: जमशेदपुर के इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में सोमवार को रेल सिविल डिफेंस की ओर से लोको पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें दुर्घटना और अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में रांची, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, डांगवापोसी, आद्रा, खड़गपुर, संतरागाछी और टाटानगर से कुल 190 लोको पायलट शामिल हुए।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि आपात स्थिति में घटनास्थल पर मौजूद व्यक्ति को तमाशबीन बनने के बजाय मददगार की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में दिया गया प्राथमिक उपचार घायल की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है। लोको पायलट कई बार दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में होते हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान होना जरूरी है।
प्रशिक्षण के दौरान लोको पायलटों को ट्रायेज, घायलों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार देने, एंबुलेंस से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने और गोल्डन आवर में किए जाने वाले जरूरी उपायों की जानकारी दी गई। ट्रायंगुलर बैंडेज से नैरो और ब्रॉड बैंडेज बनाने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। रक्तस्राव रोकने तथा सिर, ठुड्डी, हाथ, घुटने और छाती में जलने की स्थिति में बैंडेज लगाने की विधि समझाई गई।
सीपीआर और अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल का मॉक ड्रिल भी कराया गया। डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह और रमेश कुमार ने व्यावहारिक प्रदर्शन किया। महिला लोको पायलटों ने एलपीजी गैस से लगी आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का अभ्यास किया।
प्रशिक्षण में पैसेंजर, मेल-एक्सप्रेस और रिफ्रेशर कोर्स के लोको पायलट शामिल रहे। वरिष्ठ लोको पायलटों ने सिविल डिफेंस टीम के प्रशिक्षण की सराहना की। सिविल डिफेंस के अनुसार, अब तक 20 हजार से अधिक लोको पायलटों को आपदा राहत कार्यों का बहुविषयक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
Anshika Ambasta covers local stories, trending topics, and news from the Jharkhand and Bihar desk at Samridh Jharkhand. With a focus on timely updates and impactful storytelling, she brings readers accurate and engaging news coverage. Passionate about journalism, she is dedicated to delivering stories that matter.


