JPSC PT रिजल्ट विवाद: पुनः संशोधित परिणाम की मांग तेज, अभ्यर्थी राजेश कुमार ने उठाई पारदर्शिता की आवाज
JPSC PT Result 2026 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अभ्यर्थी राजेश कुमार ने पुनः संशोधित रिजल्ट जारी करने, कट-ऑफ सार्वजनिक करने और मेरिट सूची की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है।
गिरिडीह: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा विभिन्न प्रारंभिक परीक्षाओं (PT) के परिणाम जारी होने के बावजूद अभ्यर्थियों में असंतोष जारी है। संशोधित रिजल्ट के बाद अब पुनः संशोधन (punah sansodhit) की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय अभ्यर्थी राजेश कुमार ने इस मामले में प्रमुख भूमिका निभाते हुए आयोग और कोर्ट से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजेश कुमार, ने कहा जो लंबे समय से JPSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, ने कहा कि आंसर की में हुए कई संशोधनों के बावजूद रिजल्ट में अभी भी गड़बड़ियां बाकी हैं। उन्होंने दावा किया कि हजारों अभ्यर्थियों के रोल नंबर या मेरिट में अनियमितताएं हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों का नुकसान हो रहा है। “पहले रिजल्ट में 1797 सफल थे, संशोधित में 1844 हुए, लेकिन कई और अभ्यर्थी प्रभावित हैं। आयोग को पूर्ण पारदर्शिता के साथ पुनः संशोधित रिजल्ट जारी करना चाहिए,” कुमार ने कहा।


अन्य अभ्यर्थियों का कहना है की यह मांग केवल राजेश कुमार तक सीमित नहीं है। कई अभ्यर्थी सोशल मीडिया और जेपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। संयुक्त सिविल सेवा PT-2025 (Advt. 01/2026) का रिजल्ट 2 जुलाई 2026 को जारी होने के बाद भी विवाद शुरू हो गया। 2204 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए, लेकिन मुख्य परीक्षा (18-20 जुलाई) से पहले पुनः संशोधन की मांग उठ रही है।
JPSC अधिकारियों ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार है। आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया गया है कि सभी प्रक्रियाएं न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं।
राजेश कुमार की मांग पर कई छात्र संगठन समर्थन जुटा रहे हैं। उन्होंने आयोग से 15 दिनों के अंदर पुनः संशोधित रिजल्ट जारी करने की अपील की है, अन्यथा कानूनी रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है।
यह मुद्दा न केवल व्यक्तिगत सफलता-विफलता का है, बल्कि झारखंड की लोक सेवा भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा है। अभ्यर्थी उम्मीद कर रहे हैं कि JPSC जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगा और पुनः संशोधित रिजल्ट जारी कर विवाद को शांत करेगा।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


