दुबई में फंसे गिरिडीह के प्रवासी मजदूर लालचंद महतो की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नौकरी छूटने के बाद पासपोर्ट और वीजा भी हो गया था गुम
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के तिरला पंचायत निवासी प्रवासी मजदूर लालचंद महतो की दुबई में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वे जनवरी 2026 में रोजगार की तलाश में दुबई गए थे, लेकिन दो महीने बाद नौकरी छूट गई।
गिरिडीह : बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला पंचायत निवासी प्रवासी मजदूर लालचंद महतो (40) की दुबई में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, लालचंद महतो जनवरी 2026 में रोजगार की तलाश में दुबई गए थे। वहां करीब दो महीने तक काम करने के बाद कंपनी ने उन्हें नौकरी से हटा दिया। नौकरी छूटने के बाद वे काम की तलाश में भटकते रहे। इसी दौरान उनका पासपोर्ट और वीजा भी गुम हो गया, जिसके कारण वे दुबई में ही फंस गए। वतन वापसी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे और परिजनों की गुहार पर उनकी खोजबीन भी जारी थी।


सिकंदर अली ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी झारखंड के कई प्रवासी मजदूर विदेशों में फंस चुके हैं और कई की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गिरिडीह के द्वारका महतो और बोकारो के सत्येंद्र महतो का शव सऊदी अरब में पड़ा है। वहीं गिरिडीह के बगोदर निवासी महेंद्र महतो सऊदी अरब में फंसे हुए हैं, जबकि डुमरी के हुलास महतो दुबई की जेल में बंद हैं।
उन्होंने कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बावजूद मजदूर विदेश जाने से सबक नहीं ले रहे हैं। सरकार को राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि मजदूरों का पलायन रुके और उन्हें विदेशों में ऐसी विषम परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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