बोकारो इस्पात संयंत्र में ‘प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम’ का शुभारंभ
ज्ञानार्जन एवं विकास केंद्र के मुख्य प्रेक्षागृह में हुआ आयोजन
बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) ने नेतृत्व विकास को नई दिशा देते हुए “प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम” का शुभारंभ किया। यह अनुभवात्मक कार्यक्रम उभरते नेतृत्वकर्ताओं को वास्तविक संगठनात्मक निर्णय-प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा।
बोकारो : बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) ने नेतृत्व विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए “प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम” का औपचारिक शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम बीएसएल में अनुभवात्मक नेतृत्व की पहल है, जिसे उभरती नेतृत्व क्षमता और वास्तविक संगठनात्मक निर्णय-प्रक्रिया के बीच सेतु के रूप में तैयार किया गया है।
मानव संसाधन (ज्ञानार्जन एवं विकास) विभाग द्वारा संयंत्र के ज्ञानार्जन एवं विकास केंद्र के मुख्य प्रेक्षागृह में आयोजित इस समारोह में बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी, अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त, विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक तथा अन्य वरीय अधिकारी भी मौजूद थे।

अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी ने इस अनूठी पहल के लिए ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग की सराहना करते हुए इसे भविष्य की चुनौतियों के लिए कार्यबल को तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया।
सत्र के दौरान मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास) नीता बा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास) अमित आनंद ने “प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम” के मूल दर्शन, संरचना और कार्यान्वयन के रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए लीडर्स को उच्च-स्तरीय निर्णय-प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे निर्णयों के पीछे के रणनीतिक उद्देश्यों और उनके दूरगामी प्रभावों को गहराई से समझ सकें।
यह पहल अनुभवात्मक शिक्षण को नेतृत्व विकास के मुख्य तत्व के रूप में स्थापित कर भविष्य के लीडर्स को तैयार करने की दिशा में बोकारो इस्पात संयंत्र की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है। इस कार्यक्रम के माध्यम से संयंत्र में प्रबंधकीय कौशल और निर्णय-क्षमता का सुदृढ़ीकरण होगा, जो उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ संगठनात्मक उत्कृष्टता और सुरक्षित कार्य-संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
