बोकारो इस्पात संयंत्र में ‘प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम’ का शुभारंभ
ज्ञानार्जन एवं विकास केंद्र के मुख्य प्रेक्षागृह में हुआ आयोजन
बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) ने नेतृत्व विकास को नई दिशा देते हुए “प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम” का शुभारंभ किया। यह अनुभवात्मक कार्यक्रम उभरते नेतृत्वकर्ताओं को वास्तविक संगठनात्मक निर्णय-प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा।
बोकारो : बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) ने नेतृत्व विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए “प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम” का औपचारिक शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम बीएसएल में अनुभवात्मक नेतृत्व की पहल है, जिसे उभरती नेतृत्व क्षमता और वास्तविक संगठनात्मक निर्णय-प्रक्रिया के बीच सेतु के रूप में तैयार किया गया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं सुरक्षा शपथ के साथ हुआ, जो सुरक्षा के प्रति बीएसएल की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन भाषण में निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने “प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम” को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग और परिचालन जटिलताओं के दौर में नेतृत्व केवल सैद्धांतिक नहीं रह सकता, बल्कि उसे अनुभवात्मक और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘पीएलआईपी’ ऐसे नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा, जो रणनीतिक सोच के साथ जिम्मेदारी से कार्य करेंगे।
अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी ने इस अनूठी पहल के लिए ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग की सराहना करते हुए इसे भविष्य की चुनौतियों के लिए कार्यबल को तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया।
सत्र के दौरान मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास) नीता बा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास) अमित आनंद ने “प्रैक्टिकल लीडरशिप इमर्शन प्रोग्राम” के मूल दर्शन, संरचना और कार्यान्वयन के रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए लीडर्स को उच्च-स्तरीय निर्णय-प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे निर्णयों के पीछे के रणनीतिक उद्देश्यों और उनके दूरगामी प्रभावों को गहराई से समझ सकें।
यह पहल अनुभवात्मक शिक्षण को नेतृत्व विकास के मुख्य तत्व के रूप में स्थापित कर भविष्य के लीडर्स को तैयार करने की दिशा में बोकारो इस्पात संयंत्र की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है। इस कार्यक्रम के माध्यम से संयंत्र में प्रबंधकीय कौशल और निर्णय-क्षमता का सुदृढ़ीकरण होगा, जो उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ संगठनात्मक उत्कृष्टता और सुरक्षित कार्य-संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
