Bokaro News: आम्रलिका आम महोत्सव-2026 का शानदार आयोजन, किसानों और महिला समूहों ने मचाई धूम
नौ प्रखंडों के प्रगतिशील उत्पादकों ने प्रदर्शित किए बेहतरीन फल
बोकारो में आयोजित आम्रलिका आम महोत्सव-2026 में उपायुक्त अजय नाथ झा और डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने स्थानीय बागवानी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 4,500 एकड़ में बागवानी विकसित की गई है, जिससे जुड़े 5,500 किसान इस वर्ष 50 टन से अधिक आम का उत्पादन कर चुके हैं।
बोकारो: जिला परिषद कार्यालय परिसर में आयोजित आम्रलिका आम महोत्सव-2026 में जिले के जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, किसानों, स्वयं सहायता समूहों की दीदियों एवं आम उत्पादकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम उत्पादकों को विपणन का बेहतर मंच उपलब्ध कराना तथा जिले में बागवानी आधारित आजीविका को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि आम्रलिका आम महोत्सव स्वाद, सुगंध और संस्कृति का संगम है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम की सफलता केवल उत्पादों की बिक्री से नहीं आंकी जाती, बल्कि इसमें भाग लेने वाले किसानों और आयोजन से जुड़े लोगों के चेहरे पर दिखने वाली खुशी और संतोष ही इसकी वास्तविक सफलता का पैमाना है।


उन्होंने डीएमएफटी एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से आम उत्पादों पर आधारित महिला समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया।उपायुक्त ने कहा कि बोकारो केवल इस्पात, उद्योग और खनिजों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि, बागवानी और स्थानीय उत्पादों के लिए भी जाना जाए। उन्होंने जिलेवासियों से स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित आम खरीदने तथा बोकारो के आम को राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि आम फलों का राजा है और इसकी बागवानी किसानों के लिए आय का अच्छा स्रोत बन रही है। उन्होंने कहा कि जिले की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और किसान इस क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक पंचायत स्तर पर ऐसे आयोजनों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया ताकि किसानों और महिला समूहों को अधिक अवसर मिल सकें।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि आम्रलिका आम महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपने उत्पादों का विपणन कर अधिक लाभ अर्जित कर सकें।उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत भूमिहीन, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग एवं अन्य जरूरतमंद किसानों को फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं। पौधों के रखरखाव, सिंचाई, तकनीकी मार्गदर्शन तथा अन्य आवश्यक सहायता भी योजना के अंतर्गत दी जाती है।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक जिले में लगभग 4,500 एकड़ बंजर भूमि को हरित क्षेत्र में परिवर्तित किया गया है। योजना के तहत किसानों को फल उत्पादन के साथ-साथ अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) का भी लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक जिले में 50 टन से अधिक आम का उत्पादन दर्ज किया गया है। जिले के नौ प्रखंडों से लाभुकों ने महोत्सव में भाग लिया है। मल्लिका, आम्रपाली और लंगड़ा जैसी प्रमुख किस्मों के आम प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं।उन्होंने लोगों से अधिकाधिक आम खरीदने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील की, ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
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