असम में बाढ़ का कहर जारी: पांच जिलों के 1.36 लाख लोग अब भी प्रभावित, मृतकों की संख्या 85 पहुंची
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने प्रभावित इलाकों का किया दौरा।
असम में बाढ़ का संकट अभी भी बरकरार है। राज्य के पांच जिलों में 1.36 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, जबकि तीन और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या 85 पहुंच गई है। शिवसागर जिला सबसे अधिक प्रभावित है।
गुवाहाटी: असम में विनाशकारी बाढ़ का असर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। राज्य के पांच जिलों में अब भी 1.36 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि रविवार को तीन और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। राज्य सरकार राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा दो अगस्त से ऊपरी असम के चार दिवसीय दौरे पर हैं। वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दे रहे हैं। राज्य सरकार के मंत्री भी विभिन्न प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित

335 गांव अब भी जलमग्न
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बाढ़ से पांच जिलों के 21 राजस्व मंडलों के 335 गांव प्रभावित हैं। इन गांवों की 1,36,203 आबादी अब भी बाढ़ की मार झेल रही है। इसके अलावा 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
प्रभावित जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव और धेमाजी शामिल हैं।
39 राहत शिविरों में 10,844 लोग
राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 39 राहत शिविर और 15 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। राहत शिविरों में फिलहाल 10,844 लोग शरण लिए हुए हैं। प्रशासन की ओर से भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सड़क और पुलों को भारी नुकसान
लगातार आई बाढ़ से कई स्थानों पर सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने और सामान्य जनजीवन पटरी पर लाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
Related Posts


Latest News







