पेपर लीक पर प्रधानमंत्री का बयान देर से आया, छात्रों का सरकार से भरोसा उठ चुका : जयराम रमेश
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने और माफी मांगने की मांग
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को देर से आया बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लंबे समय तक पेपर लीक की सच्चाई से इनकार किया और छात्रों के हितों की अनदेखी की। जयराम रमेश ने कहा कि छात्रों का सरकार पर से भरोसा उठ चुका है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में दो महीने तक चुप रहने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि भारी जनाक्रोश के बाद सरकार को आखिरकार प्रश्नपत्र लीक की सच्चाई स्वीकार करनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लगातार छात्रों के हितों से ऊपर अपने राजनीतिक हितों को रखा, कमजोर जांच कराई और जवाबदेही से बचती रही। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, छात्रों पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और छात्रों से माफी मांगने की मांग की।
जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री ने लगभग दो महीने की चुप्पी के बाद देर रात वीडियो संदेश जारी कर प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि सरकार लंबे समय तक यह मानने से इनकार करती रही कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ था। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी प्रेसवार्ता में जानबूझकर लीक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और शिक्षा मंत्रालय ने संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के समक्ष भी आधिकारिक रूप से कहा कि कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि जनता के भारी दबाव के कारण प्रधानमंत्री को अंततः सच्चाई स्वीकार करनी पड़ी, लेकिन सरकार के रवैये के कारण छात्रों का उस पर से विश्वास पूरी तरह उठ चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 की नीट-यूजी परीक्षा में कुछ परीक्षा केंद्रों पर संदिग्ध रूप से बड़ी संख्या में टॉपर्स सामने आने के बावजूद सरकार ने व्यापक अनियमितताओं के प्रमाणों को दबाया। बाद में सरकार ने यह स्वीकार किया कि हजारीबाग में चयनात्मक प्रश्नपत्र लीक हुआ था, लेकिन दोषियों को अब तक सजा नहीं दिला सकी।
जयराम रमेश ने कहा कि पहले जिस संजीव मुखिया को प्रश्नपत्र लीक का सरगना बताया गया, अब उसी को निर्दोष बताया जा रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2024 की रद्द की गई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) मामले में यह कहते हुए समापन रिपोर्ट दाखिल कर दी कि कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, लेकिन इसके कारणों का आज तक खुलासा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि यह संकट सीबीआई की कमजोर जांच और सरकार के नेतृत्व की विफलता का भी नतीजा है।
जयराम रमेश ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में समाधान की दिशा में पहला कदम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना, छात्रों पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना और छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगना है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


