झारखंड के होनहारों का यूपीएससी में दमदार प्रदर्शन, कई अभ्यर्थियों ने किया राज्य का नाम रोशन
कड़ी मेहनत और लगन से झारखंड के युवाओं ने देशभर में बढ़ाया राज्य का गौरव
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में झारखंड के कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने शानदार सफलता हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। दुमका की सुदीपा दत्ता ने 41वीं रैंक प्राप्त कर राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
रांची : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस परीक्षा में झारखंड के कई अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर राज्य और अपने-अपने शहरों का नाम रोशन किया है।
रांची के इस्तियाक रहमान ने हासिल की 354वीं रैंक
राजधानी रांची के डोरंडा स्थित मानिटोटोला, फिरदौस नगर के निवासी इस्तियाक रहमान ने इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक 354 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से रांची शहर में खुशी और गर्व का माहौल है।

उन्होंने बताया कि इस्तियाक रहमान पिछले लगभग छह महीनों से मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के अंतर्गत हैदराबाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। अब यूपीएससी में सफलता प्राप्त कर उन्होंने अपने परिवार, समाज और पूरे रांची शहर को गौरवान्वित किया है।
तनवीर अहमद ने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अगर युवा मेहनत, लगन और सही दिशा में तैयारी करें तो वे किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस्तियाक रहमान की सफलता उन छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
दुमका की सुदीपा दत्ता ने हासिल की 41वीं रैंक
इस बार झारखंड के दुमका की सुदीपा दत्ता ने 41वीं रैंक हासिल कर राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उनका तीसरा प्रयास था। सुदीपा ने बताया कि उन्होंने अपनी तैयारी दुमका में रहकर ही की और शहर की स्टेट लाइब्रेरी में पढ़ाई कर इस मुकाम तक पहुंचीं।
उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता सहायक पोस्टमास्टर हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। इससे पहले सुदीपा का चयन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से सीडीपीओ पद पर भी हो चुका है।
लातेहार के बिपुल गुप्ता बने आईएएस
वहीं लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के चटकपुर गांव के बिपुल गुप्ता ने 103वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। बिपुल पवन कुमार गुप्ता और दीपा गुप्ता के पुत्र हैं।
इससे पहले वर्ष 2024 में उन्होंने 368वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (IFS) में हुआ था। हालांकि उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, जिसे उन्होंने इस बार अपनी कड़ी मेहनत से पूरा कर लिया। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव में जश्न का माहौल बन गया और परिवार सहित ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।
साहिबगंज की निहारिका सिन्हा ने भी पाई सफलता
इसी तरह साहिबगंज की निहारिका सिन्हा ने भी यूपीएससी परीक्षा में 365वीं रैंक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। कुलीपाड़ा निवासी निहारिका के पिता निरंजन सिन्हा पेशे से दर्जी हैं, जबकि माता शबनम कुमारी स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध पर नर्स हैं।
निहारिका ने 2018 में संत जेवियर स्कूल, साहिबगंज से दसवीं और 2020 में रांची के जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की।
वर्ष 2024 में पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में 365वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपने माता-पिता के सपनों को साकार किया।
धनबाद की श्रुति मोदी ने भी पाई सफलता
इधर, धनबाद जिले से जुड़ी श्रुति मोदी ने भी यूपीएससी में 569वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। श्रुति के पिता सीताराम मोदी और माता सुषमा मोदी हैं।
उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से बीकॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं और नौकरी के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं।
उनकी सफलता पर वर्णवाल सेवा समिति बाघमारा सहित परिवार और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।
