50 लाख की दिनदहाड़े लूट का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार; मास्टरमाइंड ने पुलिसकर्मी का नाम लिया
दिल्ली में 50 लाख रुपये की दिनदहाड़े लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में मास्टरमाइंड ने एक पुलिसकर्मी की भूमिका होने का दावा किया है, जिसकी जांच जारी है।
नई दिल्ली: उत्तरी जिला पुलिस ने 50 लाख रुपये से अधिक की लूट की वारदात का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपिताें के कब्जे से लगभग पूरी लूटी गई रकम, लूट के पैसों से खरीदे गए पांच महंगे मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर बाइक बरामद की है। मामले में एक आरोपित ने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि वारदात की साजिश में एक पुलिसकर्मी की भी भूमिका रही, जिसकी जांच की जा रही है।
उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने शुक्रवार को बताया कि 31 मार्च 2026 को कारोबारी राणा महेपलसिंह ने शिकायत दी थी कि वह अपने सहयोगी मोहन लाल के साथ कीर्ति नगर से 50.37 लाख रुपये लेकर ऑटो से चांदनी चौक जा रहे थे। जब उनका ऑटो आजाद मार्केट चौक के पास रेलवे अंडरपास पहुंचा, तभी स्कूटी और बाइक सवार चार बदमाशों ने ऑटो रोक लिया। आरोपियों ने दोनों से मारपीट कर नकदी से भरे बैग लूट लिए और फरार हो गए। घटना के बाद बाड़ा हिंदूराव थाना में मामला दर्ज कर उत्तर जिला पुलिस की चार विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और वारदात में इस्तेमाल स्प्लेंडर बाइक की पहचान की। जांच के दौरान बाइक का लिंक करावल नगर निवासी सरफराज हुसैन तक पहुंचा, जिसने बताया कि उसकी बाइक उसका परिचित सलमान इस्तेमाल करता था।


जांच में सामने आया कि आरोपितों को पहले से सूचना थी कि शिकायतकर्ता बड़ी रकम लेकर निकलेगा। पुलिस के मुताबिक आरोपित निखिल मीणा ने कीर्ति नगर मेट्रो स्टेशन पर अपने साथियों को शिकायतकर्ता की पहचान कराई थी, जिसके बाद बदमाशों ने पीछा कर वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में आरोपी फरमान ने दावा किया कि उसे एक व्यक्ति समय सिंह मीणा ने लूट के लिए लोगों की व्यवस्था करने को कहा था। फरमान ने यह भी आरोप लगाया कि समय सिंह ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए साजिश रची और लूट के बाद उससे 10.37 लाख रुपये लिए। बाद में यह रकम समय सिंह, निखिल और फरमान में बांटी गई। 30 अप्रैल को पुलिस ने आरोपित समय सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसके कथित पुलिसकर्मी कनेक्शन और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपितों में कई के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, अपहरण, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित और पेशेवर गिरोह है, जो रेकी कर बड़ी वारदातों को अंजाम देता था।
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