साहिबगंज सदर अस्पताल में डॉक्टर गायब, भूखे पेट घंटों भटकती रही गर्भवती महिला

ANM पर मरीज से अभद्र व्यवहार करने का लगा आरोप

साहिबगंज सदर अस्पताल में डॉक्टर गायब, भूखे पेट घंटों भटकती रही गर्भवती महिला
साहिबगंज सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर जांच के इंतजार में बैठी गर्भवती महिलाएं।

साहिबगंज सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंची गर्भवती महिला कायनात परवीन को दो दिनों तक घंटों भूखे पेट इंतजार करना पड़ा, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले।

साहिबगंज: सिविल सर्जन की हिदायतें भी अब बेअसर हैं। सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में डॉक्टर तो मिलते नहीं, ऊपर से एएनएम का रवैया गर्भवती महिलाओं को रुला रहा है। बीते दिनों 11:41 बजे तक एक गर्भवती महिला भूखे पेट डॉक्टर का इंतजार करती रही, पर डॉक्टर नहीं आए। पूछने पर एएनएम ने फटकार लगाते हुए कहा कि फुर्सत है तो रुको, नहीं तो जाओ।

अंजुमन नगर की रहने वाली गर्भवती महिला कायनात परवीन मंगलवार को भी अल्ट्रासाउंड के लिए आई थीं। घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर नहीं मिले तो घर लौट गईं। बुधवार को फिर सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचीं। तब तक डॉक्टर निकल चुके थे। 

11:41 बजे तक जब डॉक्टर नहीं आए तो उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद एएनएम से पूछा कि डॉक्टर कब आएंगे। आरोप है कि एएनएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बैठना है तो बैठो नहीं तो चली जाओ, इससे कोई मतलब नहीं है। कायनात परवीन सुबह से भूखे पेट थीं क्योंकि अल्ट्रासाउंड खाली पेट होता है।

डॉक्टर के समय पर न रहने से अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर रोज मरीजों की भीड़ लगती है। कोई गर्भवती महिला जांच के लिए तो कोई पेट की समस्या लेकर पहुंचता है। लेकिन डॉक्टर के नदारद रहने से सभी को परेशानी होती है। बुधवार दोपहर 12 बजे तक भी कायनात परवीन का अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका।

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इस मामले पर जब सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में डीएस ही कुछ बता सकते हैं। सवाल उठता है कि सिविल सर्जन के बार-बार निर्देश के बाद भी डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों से बदसलूकी क्यों कर रहे हैं?

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अल्ट्रासाउंड जैसे जरूरी जांच के लिए गर्भवती महिला को 2 दिन तक भूखे पेट क्यों भटकना पड़ा? जब सिविल सर्जन को ही पता नहीं कि उनके अस्पताल में क्या चल रहा है, तो जिम्मेदार कौन है? वहीं, लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में 'इलाज' कम 'इंतजार' ज्यादा मिलता है। डॉक्टर समय पर नहीं, एएनएम का रवैया ठीक नहीं। भुगतना गरीब मरीज को पड़ता है।

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Edited By: Susmita Rani
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Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.

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