साहिबगंज में आज भी खटिया पर ढोए जा रहे मरीज, सड़क के अभाव में 4-5 किमी पैदल सफर

अमड़ाबेड़ो के रानीडीह गांव में बीमार महिला को खटिया पर 4-5 किलोमीटर तक ढोकर ले गए ग्रामीण

साहिबगंज में आज भी खटिया पर ढोए जा रहे मरीज, सड़क के अभाव में 4-5 किमी पैदल सफर
सड़क नहीं मिली तो खटिया पर मरीज को ढोते ग्रामीण

साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड अंतर्गत खैरवा पंचायत के अमड़ाबेड़ो के रानीडीह गांव में सड़क की बदहाली की तस्वीर सामने आई है। शुक्रवार को सुरजी पहाड़िन की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।

संजय कुमार धीरज

साहिबगंज: एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें "गांव-गांव तक सड़क" और "बेहतर बुनियादी सुविधाओं" के बड़े-बड़े दावे करती हैं। वहीं, साहिबगंज जिले में आज भी ऐसे कई गांव हैं जहां सड़क तो दूर, मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए बांस की चारपाई या खटिया का सहारा लेना पड़ता है।

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ताजा मामला मंडरो प्रखंड अंतर्गत खैरवा पंचायत के अमड़ाबेड़ो के रानीडीह गांव का है। शुक्रवार को अमड़ाबेड़ो निवासी सुरजी पहाड़िन की तबीयत अचानक बिगड़ गई। गांव तक एंबुलेंस या कोई वाहन नहीं पहुंच सकता था। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने खाट में रस्सी बांधकर बीमार महिला को उसी पर लिटाकर करीब 4 से 5 किलोमीटर तक कच्चे और दुर्गम रास्ते से पैदल ले गए। रास्ते में जगह-जगह कीचड़ और पथरीला रास्ता था। किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंचने के बाद ही मरीज को आगे वाहन से अस्पताल भेजा जा सका।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। प्रसव, हृदयाघात या सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में मरीजों को घंटों तक खाट पर ढोकर ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीज की जान भी चली जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारें हर चुनाव में सड़क बनाने का वादा करती हैं, लेकिन फाइलों से आगे काम नहीं बढ़ता। "नेता आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और चले जाते हैं। हमारी तकलीफ वहीं की वहीं हैं।

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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि अमड़ाबेड़ो, रानीडीह सहित आस-पास के गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ा जाए। ताकि मरीजों, स्कूली बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस तरह की परेशानी दुबारा न झेलनी पड़े।

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सुरजी पहाड़िन को खटिया पर ले जाने की तस्वीरें एक बार फिर साबित करती हैं कि कागजों पर विकास और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा फासला है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब इस "शर्मनाक" तस्वीर पर क्या जवाब देगा? अगर जल्द सड़क नहीं बनी तो अगली बार किसी मरीज की चारपाई नहीं बल्कि किसी की "अर्थी" ही इस रास्ते से जाएगी।

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Edited By: Mohit Sinha
Mohit Sinha Picture

Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.

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