सांसद विवाह के बाद सोशल मीडिया पर गरमाई डीलिस्टिंग की बहस
सांसद विजय हांसदा के एसटी दर्जे को लेकर उठ रहे सवाल
राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय कुमार हांसदा के विवाह के बाद सोशल मीडिया पर एसटी आरक्षण और डीलिस्टिंग को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में उनके एसटी दर्जे पर सवाल उठाए गए और डीलिस्टिंग की मांग की गई।
साहिबगंज: राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय कुमार हांसदा का सुप्रिया मुर्मू के साथ विवाह संपन्न होने के बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा है। राजनीतिक, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने नवदंपति के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की। वहीं, दूसरी ओर इसी विवाह के बाद सोशल मीडिया पर एसटी आरक्षण और डीलिस्टिंग का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। कई यूजर्स ने पोस्ट कर कहा कि जो लोग ईसाई धर्म अपनाकर आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों से दूर हो जाते हैं, उन्हें एसटी के संवैधानिक लाभों पर पुनर्विचार करना चाहिए। कुछ पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के फैसलों का जिक्र करते हुए डीलिस्टिंग की मांग भी उठाई गई।
कानूनी जानकारों की मानें तो वर्तमान संवैधानिक प्रावधानों में केवल धर्म परिवर्तन कर लेने से किसी अनुसूचित जनजाति व्यक्ति का एसटी दर्जा स्वतः समाप्त नहीं होता। डीलिस्टिंग का विषय वर्षों से सार्वजनिक बहस का हिस्सा रहा है, लेकिन अब तक ऐसा कोई कानून नहीं बना है जो धर्म बदलने पर एसटी का दर्जा खत्म कर दे।


Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


