सफलता की कहानी: गोबर गैस, धुएं से मुक्ति और हरियाली की नई राह
बोलबा और ठेठईटांगर प्रखंड में सामुदायिक गोबर गैस संयंत्रों की स्थापना
सिमडेगा जिला प्रशासन ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बोलबा और ठेठईटांगर प्रखंड में सामुदायिक गोबर गैस संयंत्र स्थापित कर ग्रामीण विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। 30 CUM क्षमता वाले संयंत्र से 19 परिवारों को नियमित स्वच्छ ईंधन मिल रहा है।
सिमडेगा: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत सिमडेगा जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बोलबा एवं ठेठईटांगर प्रखंड में सामुदायिक गोबर गैस संयंत्रों की स्थापना की गई है। यह पहल आज ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण बन चुकी है।
बोलबा प्रखंड की समसेरा पंचायत स्थित बोलबा मुखिया टोली में 30 घनमीटर (CUM) क्षमता का सामुदायिक गोबर गैस संयंत्र स्थापित किया गया है। गांव के सभी 19 परिवारों के पास पशुधन उपलब्ध है और सभी परिवारों को संयंत्र से गैस कनेक्शन दिया गया है। वर्तमान में प्रत्येक परिवार को प्रतिदिन तीनों समय भोजन पकाने के लिए पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध हो रही है।


ठेठईटांगर प्रखंड में भी इसी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है। यह पहल ग्रामीण समुदाय के लिए 'वेस्ट टू वेल्थ (Waste to Wealth)' की अवधारणा को साकार कर रही है।
सिमडेगा जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और जैविक कृषि को एक साथ जोड़ते हुए सतत विकास का सफल मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। आने वाले समय में इस मॉडल का विस्तार जिले की अन्य पंचायतों में भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इस अभिनव पहल का लाभ प्राप्त कर सकें।
मुख्य उपलब्धियां
- 30 CUM क्षमता का सामुदायिक गोबर गैस संयंत्र स्थापित।
- 19 परिवारों को गैस कनेक्शन एवं नियमित स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता।
- जलावन लकड़ी की आवश्यकता समाप्त, पेड़ों की कटाई में कमी।
- रसोई के धुएं से महिलाओं एवं बच्चों को राहत।
- गोबर से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद का उत्पादन।
- प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।
- स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालन एवं रख-रखाव का सफल मॉडल।
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत आत्मनिर्भर एवं सतत ग्रामीण विकास की प्रेरणादायक पहल।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


