बरहरवा स्टेशन के पार्किंग एरिया में महीनों से 'मौत का गड्ढा', यात्री-जानवर गिरने का खतरा; रेलवे बेखबर
बारिश में पानी भरने से बढ़ रहा हादसे का खतरा
बरहरवा रेलवे स्टेशन के पार्किंग एरिया में महीनों से खुला पड़ा एक गहरा गड्ढा यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
साहिबगंज: रेलवे स्टेशन जैसी जगह, जहां रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है, वहां पार्किंग एरिया में एक बड़ा गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड, न भरने की पहल। ये गड्ढा अब 'मौत का कुआं' बन गया है।
बरहरवा स्टेशन के मेन गेट के पास पार्किंग एरिया में करीब 5 फीट गहरा और 4 फीट चौड़ा गड्ढा मुंह बाए खड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी पाइपलाइन या केबल के काम के लिए कुछ महीने पहले इसे खोदा गया था। काम पूरा हुआ या नहीं, पता नहीं। पर गड्ढा भरना रेलवे विभाग भूल गया। बारिश में इसमें पानी भर जाता है तो खतरा और बढ़ जाता है। रात में तो ये गड्ढा दिखता ही नहीं।

स्थानीय लोगों ने 24 घंटे में गड्ढा भरने और जगह को समतल करने या जब तक गड्ढा न भरे, तब तक बैरिकेडिंग और रेडियम वाला चेतावनी बोर्ड लगाने और लापरवाह ठेकेदार और रेलवे अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग रेलवे के अधिकारियों से की है। रेलवे 'अमृत भारत स्टेशन' योजना में करोड़ों खर्च कर रहा है। पर बेसिक सेफ्टी कहां है? क्या बरहरवा के यात्री की जान इतनी सस्ती है कि एक गड्ढा भरने के लिए भी महीनों इंतजार करना पड़े?
डीआरएम मालदा से सीधा सवाल है कि इस 'मौत के गड्ढे' में अगर किसी की जान गई तो जिम्मेदार कौन होगा। स्टेशन पर 'यात्री देवो भव:' का बोर्ड तो लगा है, पर पार्किंग में 'यात्री गड्ढे में भव:' की नौबत है। रेलवे जागे, इससे पहले कि ये गड्ढा किसी की जिंदगी निगल जाए।
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