Sahibganj News: NH-80 की बदहाली पर फूटा गुस्सा, कीचड़ में लेटकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
महिलाओं और बच्चों ने भी प्रदर्शन में लिया हिस्सा, "सड़क नहीं तो वोट नहीं" के लगे नारे
साहिबगंज के मदनशाही में राष्ट्रीय राजमार्ग-80 की बदहाल स्थिति के विरोध में ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम किया। ट्रैक्टर पलटने की घटना के बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और प्रदर्शनकारियों ने कीचड़ में लेटकर सड़क निर्माण की मांग की। प्रदर्शन के कारण कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 9 करोड़ रुपये की मरम्मत योजना स्वीकृत होने के बावजूद सड़क की स्थिति नहीं सुधरी।
साहिबगंज: पांच-छह साल की बदहाली, रोज-रोज के हादसे और प्रशासन के खोखले वादों का गुस्सा गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। जिले के मदनशाही में राष्ट्रीय राजमार्ग- 80 पूरी तरह ठप्प हो गया। ट्रैक्टर पलटने की एक घटना ने चिंगारी का काम किया और सैकड़ों ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतर आए।
कीचड़ में लेटकर विरोध, "सड़क नहीं तो वोट नहीं" के नारे
प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच जमा कीचड़ और गहरे गड्ढों में लेटकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं और बच्चों ने भी विरोध जताया। "ये सड़क नहीं कब्रिस्तान है", "9 करोड़ कहां गए" और "सड़क नहीं तो वोट नहीं" के नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे। इस उग्र प्रदर्शन की वजह से कई घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग- 80 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। साहिबगंज से भागलपुर और राजमहल जाने वाले सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे। एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंसकर रह गईं।
"मौत का रास्ता" बन चुका है NH-80 का ये हिस्सा


उप मुखिया का फूटा गुस्सा

15 दिन की मोहलत, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन
सूचना मिलते ही कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद अधिकारियों ने 15 दिन के अंदर पैचवर्क और पक्की मरम्मत शुरू कराने का आश्वासन दिया, इसके बाद जाकर जाम खुला। लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिन में जेसीबी नहीं चली और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो अगली बार हम राष्ट्रीय राजमार्ग को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर देंगे। तब जिला प्रशासन को ही आकर सड़क बनानी पड़ेगी।
क्या कहता है सरकारी कागज
सूत्रों के अनुसार, इस सड़क की मरम्मत के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत है। काम एनएचएआई द्वारा कराया जाना है। लेकिन जमीन अधिग्रहण और फंड रिलीज में देरी के कारण काम अटका हुआ है।
विकास के दावे फेल
फिलहाल मदनशाही की ये तस्वीरें सरकार के विकास के दावों पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। जहां एक तरफ शहर में हेमन्त सरकार के बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनता सड़क के एक टुकड़े के लिए कीचड़ में लोटने को मजबूर है। अब देखना होगा कि 15 दिन का अल्टीमेटम पूरा होता है या फिर राष्ट्रीय राजमार्ग- 80 पर एक और बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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