2014 के बाद कमजोर हुआ सूचना का अधिकार: कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला
केंद्र ने RTI की पारदर्शिता पर लगाया अंकुश: केशव महतो कमलेश
केंद्र की भाजपा सरकार ने सूचना के अधिकार के तहत देश की जनता को मिलने वाली सूचनाओं पर संशोधनों के माध्यम से प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्र सरकार द्वारा 2019 में किए गए संशोधनों ने इस स्वतंत्रता को कमजोर किया और कार्यपालिका का प्रभाव बढ़ाया।
Ranchi News: 2014 के बाद देश में सूचना का अधिकार कमजोर हुआ जिससे हमारे देश की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक ढांचे पर आघात हुआ है। केंद्र की भाजपा सरकार ने सूचना के अधिकार के तहत देश की जनता को मिलने वाली सूचनाओं पर संशोधनों के माध्यम से प्रतिबंध लगा दिया है।
कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार और सोनिया गांधी के नेतृत्व में 12 अक्टूबर 2005 को ऐतिहासिक सूचना का अधिकार अधिनियम लागू किया गया था ताकि आम लोगों की पहुंच सार्वजनिक प्राधिकरणों के पास मौजूद जानकारी तक हो सके और शासन व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह बन सके।


देश में सूचना का अधिकार लागू हुए 20 वर्ष हो गए कांग्रेस मांग करती है कि 2019 के संशोधन को निरस्त किया जाए, आरटीआई के उद्देश्यों को कमजोर करने वाली डीपीडीपी की धारा 44(3) की समीक्षा व संशोधन किया जाए, रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाए,आयोग के कार्य निष्पादन के मानक और निपटान दर सार्वजनिक किया जाए, विहस्ल ब्लोअर प्रोटेक्शन अधिनियम को लागू किया जाए, आयोग में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और महिला प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी लाल, किशोरनाथ शाहदेव, सोनाल शांति, राजन वर्मा, राकेश किरण महतो भी उपस्थित थे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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