Ranchi News: डीपीएस में ‘सेवा पर्व 2025’ राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन
कार्यशाला का विषय ‘विकसित भारत’, 15 विद्यालयों से 100 छात्रों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
रांची: दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची ने आईजीएनसीए के सहयोग से ‘विकसित भारत’ विषय पर पेंटिंग कार्यशाला आयोजित की, जिसमें 15 विद्यालयों के 100 छात्रों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, विधायक सी.पी. सिंह और पद्मश्री कलाकार मुकुंद व महावीर नायक ने छात्रों को प्रोत्साहित किया। विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान से हुआ।
रांची: दिल्ली पब्लिक स्कूल, ने इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स (आईजीएनसीए), रीजनल सेंटर रांची द्वारा आयोजित एक जीवंत पेंटिंग कार्यशाला की सफल मेज़बानी की। यह कार्यशाला संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के दूरदर्शी मार्गदर्शन में चलाए जा रहे राष्ट्रीय पहल सेवा पर्व 2025 का एक हिस्सा था। यह महत्त्वपूर्ण पहल हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न से प्रेरित है। कार्यशाला का विषय ‘विकसित भारत’ था, जिसमें झारखंड के 15 विद्यालयों से आए 100 छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए संजय सेठ, रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार एवं सांसद, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। वहीं सी. पी. सिंह, विधायक, झारखंड विधानसभा, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। सांस्कृतिक गरिमा को और ऊँचाई प्रदान करने हेतु पद्मश्री मुकुंद नायक और पद्मश्री महावीर नायक विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए और प्रतिभागियों को अपनी कला एवं अनुभव से प्रेरित किया। कार्यशाला को डॉ. कुमार संजय झा, क्षेत्रीय निदेशक (आईजीएनसीए) तथा डॉ. कमल बोस का सहयोग प्राप्त हुआ, जबकि चित्रों का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा अत्यंत सावधानी से किया गया।


पद्मश्री मुकुंद नायक ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कला कहानी कहने और लोक परंपराओं को जीवित रखने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना को अभिव्यक्त करते रहें।
पद्मश्री महावीर नायक ने युवा प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि कला राष्ट्र की आशाओं और सपनों को प्रतिबिंबित करने का सशक्त साधन है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन और समर्पण की भावना के साथ सृजनात्मक उत्कृष्टता की ओर बढ़ने का आग्रह किया।
डॉ. जया चौहान, प्राचार्य, डीपीएस रांची ने विद्यार्थियों को सक्रिय भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की और आईजीएनसीए तथा डीपीएस रांची के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अकादमिक गतिविधियों के साथ रचनात्मकता का पोषण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के विजेताओं को ₹10,000, ₹5,000, और ₹2,500 की नगद राशि प्रदान की जाएगी, साथ ही दो प्रतिभागियों को ₹1,000 के प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ, जिसके उपरांत धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन ने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे अपनी कलात्मक प्रतिभा को विकसित भारत की परिकल्पना के लिए समर्पित करें।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


