Ranchi News: आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत कार्यशाला का सफल आयोजन
तनाव प्रबंधन व मेडिटेशन सेशन ने छात्रों को दी नई राह
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी रांची में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत तनाव प्रबंधन व मेडिटेशन कार्यशाला आयोजित हुई। कुलपति डॉ. एस. चटर्जी और मेडिटेशन ट्रेनर ब्रह्माकुमारी इंदु बहन ने छात्रों को तनाव मुक्ति व आत्म-नियंत्रण का महत्व समझाया। योग, माइंडफुलनेस और राजयोग तकनीकों ने युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।
रांची: आरकेडीएफ विश्वविद्यालय रांची में एक दिवसीय नशा मुक्त भारत अभियान के तहत तनाव प्रबंधन एवं मेडिटेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस चटर्जी के प्रेरणादायक संबोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता समझाते हुए कहा कि “तनाव से मुक्ति और आत्म-नियंत्रण ही नशे से दूर रहने का प्रभावी उपाय है।”
मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मेडिटेशन एवं राजयोगा ट्रेनर ब्रह्माकुमारी इंदु बहन ने कहा कि आज के युवाओं का नशा की और ज्यादा झुकाव हो रहा है । जिसके लिए शैक्षणिक कार्य क्षेत्र में भी विशेष संतुलन और सामंजस्य लाने की जरूरत है। इस कार्य हेतु सर्वप्रथम स्वयं के मन को शांत, स्थिर और सशक्त रखने की कला का ज्ञान और उसका अभ्यास अति आवश्यक है। इसके लिए राजयोग को सर्वोत्तम माध्यम बताया। इस कार्यशाला में शिक्षकों के साथ छात्रों को तनाव प्रबंधन की तकनीकें सिखाईं, जिनमें गहरी साँस लेने के अभ्यास, माइंडफुलनेस मेडिटेशन और शरीर-मन संतुलन को बेहतर बनाने वाले योग अभ्यास शामिल थे। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और खुले मन से अपने अनुभव साझा किए।

आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी रांची में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत तनाव प्रबंधन व मेडिटेशन कार्यशाला आयोजित हुई। कुलपति डॉ. एस. चटर्जी और मेडिटेशन ट्रेनर ब्रह्माकुमारी इंदु बहन ने छात्रों को तनाव मुक्ति व आत्म-नियंत्रण का महत्व समझाया। योग, माइंडफुलनेस और राजयोग तकनीकों ने युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
