JTET 2026 में क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने की मांग, कांग्रेस प्रभारी के. राजू को सौंपा गया सुझाव
अंगिका, भोजपुरी, मगही और मैथिली को फिर से शामिल करने की मांग
रांची में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू को JTET 2026 में क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं को शामिल करने संबंधी लिखित सुझाव सौंपा गया। ज्ञापन में अंगिका, भोजपुरी, मगही, मैथिली समेत कई भाषाओं को परीक्षा में शामिल करने की मांग की गई। साथ ही असुर, बिरहोर और माल्तो जैसी जनजातीय भाषाओं की उपेक्षा पर चिंता जताई गई।
रांची: रांची में झारखंड कांग्रेस प्रभारी श्री के. राजू जी को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किए जाने संबंधी लिखित सुझाव सौंपा गया। वर्ष 2008, 2012 और 2016 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में अंगिका, भोजपुरी और मगही को क्षेत्रीय भाषाओं के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन वर्तमान अधिसूचना में इन्हें स्थान नहीं दिया गया है।
भाषा लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। आज की युवा पीढ़ी को क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं में लिखना, पढ़ना और बोलना आना चाहिए। ऐसे में यह जरूरी है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं के विकल्प को बढ़ाया जाए।

Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
