राजीव लोचन बख्शी पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने लोकायुक्त को सौंपा परिवाद
एसआईटी से फॉरेंसिक ऑडिट और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग, कई वित्तीय अनियमितताओं का लगाया आरोप
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी राजीव लोचन बख्शी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए लोकायुक्त को परिवाद सौंपा है। उन्होंने महालेखाकार (AG) की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए जाली मस्टर रोल, कैंपा फंड, वन भूमि अपयोजन और सामग्री खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है।
रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी राजीव लोचन बख्शी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए लोकायुक्त को परिवाद सौंपकर जांच की मांग की है। उन्होंने लोकायुक्त को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि राजीव लोचन बख्शी ने अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी धन की व्यापक लूट की है। उन्होंने दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच दल (एसआईटी) से फॉरेंसिक ऑडिट कराने का आग्रह किया है।
बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में कहा है कि लोकायुक्त की नियुक्ति के बाद राज्य के लोगों में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने 25 मार्च 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) तथा 13 अप्रैल 2026 को राज्यपाल को पत्र लिखकर राजीव लोचन बख्शी के खिलाफ विस्तृत जांच और फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2013-14 में ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 7.35 हेक्टेयर वन भूमि के अपयोजन के प्रस्ताव को नियमों के विपरीत छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर स्वीकृति दी गई, जिससे सरकार को लगभग 46.01 लाख रुपये की एनपीवी राशि का नुकसान हुआ।
परिवाद में कैंपा मद के तहत वर्ष 2014-15 में विभिन्न रेंजरों को 8.53 करोड़ रुपये अग्रिम देने के बाद उसका लेखा-जोखा समय पर महालेखाकार को उपलब्ध नहीं कराने तथा योजना मद में 1.80 करोड़ रुपये की सामग्री खरीद के मूल वाउचर उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया गया है। मरांडी ने दावा किया कि सामग्री खरीद के प्रमाण नहीं होने से उससे जुड़े मजदूरी भुगतान भी संदिग्ध प्रतीत होते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने लोकायुक्त से मांग की है कि उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर राजीव लोचन बख्शी के विरुद्ध पद के दुरुपयोग एवं सरकारी धन की कथित लूट के मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच दल से फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


