हथियारों का जखीरा लेकर 27 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, पुलिस खुश
27 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, हथियार भी सौंपे
झारखंड में गुरुवार को बड़ी नक्सल विरोधी सफलता मिली, जब 27 माओवादियों ने रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के 25 और जेजेएमपी के 2 सदस्य शामिल हैं। आठ उग्रवादियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को एक बड़ा नक्सल विरोधी घटनाक्रम सामने आया, जहां एक साथ 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया और बड़ी मात्रा में हथियार एवं कारतूस भी पुलिस को सौंपे।
आत्मसमर्पण करने वालों में प्रतिबंधित संगठन Communist Party of India (Maoist) के 25 सदस्य और Jharkhand Jan Mukti Parishad के दो सदस्य शामिल हैं। इनमें आठ उग्रवादियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि सभी पर मिलाकर 426 आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
- लाइट मशीन गन (एलएमजी)
- 5 इंसास राइफल
- 9 एसएलआर राइफल
- 1 बोल्ट-एक्शन राइफल
- 1 पिस्टल
- 31 मैगजीन
- लगभग 3000 जिंदा कारतूस

पुलिस और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
Tadasha Mishra (डीजीपी) ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सभी आवश्यक सुविधाएं और सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि Jharkhand Police, Central Reserve Police Force (CRPF), Jharkhand Jaguar और अन्य खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से लगातार अभियान चलाया, जिसका परिणाम आज सामने आया है।
उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह संयुक्त अभियान जारी रहेगा, ताकि झारखंड को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जा सके।
सुरक्षा बलों की रणनीति पर जोर
अपर पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने कहा कि यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि 27 माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की ओर लौटे हैं। उन्होंने इसे राज्य के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
Saket Singh (सीआरपीएफ आईजी) ने कहा कि यह सफलता लगातार चलाए जा रहे संयुक्त अभियानों का परिणाम है। पिछले छह महीनों में सुरक्षा बलों ने जंगलों के भीतर 21 फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) स्थापित किए हैं, जिससे नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण हुआ है।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादी
आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात नाम शामिल हैं—
- गादी मुंडा उर्फ गुलशन (5 लाख इनामी)
- नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा
- रेखा मुंडा उर्फ जयंती
- सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल (123 मामले दर्ज)
- करण तियू
- दर्शन उर्फ बिंज हांसदा
- सुलेमान हांसदा
- बासुमती जेराई उर्फ बासू
- बैजनाथ मुंडा
- रघु कायम उर्फ गुणा
- किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका
- राम दयाल मुंडा
- सहित कई अन्य सदस्य
इसके अलावा कई महिला माओवादी भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल रहीं, जिन पर चाईबासा और अन्य जिलों में गंभीर मामले दर्ज थे।
जेजेएमपी के दो सदस्य भी शामिल
Jharkhand Jan Mukti Parishad के दो सदस्यों ने भी आत्मसमर्पण किया। इनमें—
- सचिन बैक (5 लाख रुपये का इनामी, 6 मामले दर्ज)
- श्रवण गोप (8 मामले दर्ज)
दोनों ने हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने का निर्णय लिया।
निष्कर्ष
यह सामूहिक आत्मसमर्पण झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त रणनीति के चलते नक्सली नेटवर्क पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। सरकार ने इसे राज्य में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
