Palamu News : आदिवासी धर्म कॉलम के बिना जनगणना अधूरी: आशुतोष सिंह चेरो
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर से पहुंचे आदिवासी प्रतिनिधि
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय आदिवासी समन्वय समिति के तत्वावधान में 2026–27 की प्रस्तावित जातीय जनगणना में ‘आदिवासी धर्म’ के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर देशभर की 881 जनजातियों का महाजुटान हुआ।
पलामू : नई दिल्ली के जंतर-मंतर में राष्ट्रीय आदिवासी समन्वय समिति के तत्वावधान में 2026–27 में होने वाली जातीय जनगणना में देश के आदिवासी समुदाय की पहचान सुनिश्चित करने हेतु जनगणना प्रपत्र में ‘आदिवासी धर्म’ कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर देश की 881 जनजातियों का महाजुटान हुआ।

उन्होंने कहा कि देश में आदिवासियों की आबादी लगभग 15 करोड़ है, जो देश की तीसरी सबसे बड़ी आबादी है। जब जैन, पारसी और बौद्ध धर्म के अनुयायियों की आबादी कम होने के बावजूद उन्हें भारत सरकार द्वारा अलग जनगणना कॉलम में स्थान दिया जा सकता है, तो देश की 881 जनजातियों के आदिवासी समुदाय को 2026–27 की जनगणना में अलग धर्म कॉलम क्यों नहीं दिया जा सकता?
उन्होंने कहा कि जनगणना में आदिवासी धर्म कॉलम के बिना आदिवासियों की गणना अधूरी मानी जाएगी। साथ ही, देश के सभी आदिवासी समुदाय से आग्रह किया कि वे जनगणना के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूक रहें और अपनी पहचान सुनिश्चित करें।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
