Palamu News: फोर्थ ग्रेड भर्ती में लिखित परीक्षा की मांग तेज़, छात्रों ने दी सामूहिक मुंडन की चेतावनी
पुराने और नए मैट्रिक पास छात्रों के बीच अंकों के भारी अंतर से बढ़ा रोष
पलामू जिले में चतुर्थ वर्गीय पदों पर मैट्रिक के अंकों के आधार पर बहाली का विरोध तेज हो गया है, जहाँ छात्रों ने पुराने और नए अभ्यर्थियों के बीच अंकों के अंतर को देखते हुए लिखित परीक्षा की मांग की है। छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सामूहिक मुंडन कराकर उग्र आंदोलन करेंगे।
पलामू: जिले में चतुर्थ वर्गीय (फोर्थ ग्रेड) पदों पर बहाली की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हजारों अभ्यर्थियों में मैट्रिक के अंकों के आधार पर मेरिट बनाने के सरकारी निर्णय के खिलाफ भारी आक्रोश है। बुधवार को छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पलामू प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) से मुलाकात की और एक मांग पत्र सौंपकर भर्ती प्रक्रिया में तत्काल सुधार की अपील की।
पुराने बनाम नए अभ्यर्थियों का मुद्दा: "99% बनाम 50%"
कमिश्नर से मुलाकात के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि वर्ष 2010 से 2013 के बीच मैट्रिक की परीक्षा में 50 से 60 प्रतिशत अंक लाना भी बड़ी उपलब्धि माना जाता था। वहीं, कोविड काल के बाद छात्रों को 90 से 99 प्रतिशत तक अंक मिलना सामान्य हो गया है। ऐसे में केवल अंकों के आधार पर मेरिट बनाना पुराने और अनुभवी अभ्यर्थियों के साथ सीधा अन्याय है। छात्रों की मांग है कि मैट्रिक अंक आधारित मेरिट सूची पर रोक लगाई जाए और सभी के लिए एक समान लिखित परीक्षा आयोजित की जाए।
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प्रशासन को अल्टीमेटम: सामूहिक मुंडन का संकल्प
छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और पलामू डीसी ने लिखित परीक्षा की मांग को गंभीरता से नहीं लिया, तो पलामू समाहरणालय (कलेक्टर ऑफिस) के सामने हजारों छात्र सामूहिक मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर छात्र उग्र आंदोलन और आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से अनूप कुमार पासवान, जनेश शर्मा, अनिल बैठा, रविंद्र चंद्रवंशी, संदीप पासवान और बृजेश मेहता सहित दर्जनों छात्र शामिल थे।
