जमुई में चमचमाते नोटों की खनक: कचहरी चौक पर SBI का विशेष नोट विनिमय मेला
RBI के सहायक प्रबंधक ने किया मेले का उद्घाटन
भारतीय स्टेट बैंक जमुई ने कचहरी चौक पर 'सिक्का एवं नोट विनिमय मेले' का आयोजन किया, जहाँ नागरिकों ने पुराने नोटों के बदले नए नोट और सिक्के प्राप्त किए। साथ ही RBI द्वारा बैंक कर्मियों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाकर नोटों की सुरक्षा विशेषताओं और स्वच्छ नोट नीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
जमुई: भारतीय स्टेट बैंक जमुई की मुख्य शाखा ने कचहरी चौक पर आम जनता की सहूलियत के लिए एक विशेष '' सिक्का एवं नोट विनिमय मेले '' का आयोजन किया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पटना के सहायक प्रबंधक मिथलेश कुमार यादव ने अग्नि ज्योति प्रज्वलित कर मेला का आगाज करते हुए कहा कि यह मेला छुट्टे पैसों की कमी को दूर करने के साथ लेनदेन को सुगम बनाता है। यहां लोग पुराने और कटे-फटे नोटों के बदले चमकते हुए नए नोट और सिक्के प्राप्त करते हैं।
मेला का मुख्य ध्येय छोटे मूल्य के नोटों और सिक्कों की खुदरा समस्या को दूर करना तथा स्वच्छ नोट नीति को बढ़ावा देना है। आरबीआई के निर्देशों के तहत आयोजित इस मेले में 10 , 20 , 50 और 100 के नोटों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। आम जनता को कटे-फटे तथा गंदे नोटों के बदले जाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। नकली नोटों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ बैंकिंग सेवा को और ज्यादा सुलभ बनाना इस मेला का ध्येय है। मिथलेश कुमार यादव ने डिजिटल धोखाधड़ी, असली-नकली नोटों की पहचान के अलावे अन्य बैंकिंग सेवाओं की विस्तार से चर्चा की और लोगों को इसके लिए जागरूक किया।


कैश अधिकारी प्रवीण कुमार , सीएसी प्रबंधक प्रकाश कुमार आदि बैंक ओहदेदार इस अवसर पर उपस्थित थे। इधर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जमुई जिला में कार्यरत बैंक कर्मियों के क्षमतावर्धन के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया। आरबीआई पटना के प्रबंधक मिथलेश यादव ने प्रशिक्षण शिविर में आम नागरिकों के द्वारा प्रस्तुत कटे फटे तथा गंदे नोटों को बदले जाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित बैंककर्मियों के ज्ञानवर्धन के साथ उनका क्षमतावर्धन किया।
उन्होंने इस दरम्यान बैंक नोटों की सुरक्षा विशेषताओं तथा असली-नकली नोटों की पहचान पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्वेश्य बैंकों द्वारा आम जनता को आसानी एवं पारित रूप से कटे-फटे तथा गंदे नोटों के बदले जाने की सुविधा उपलब्ध कराना और नकली नोटों के प्रसार की रोकथाम किया जाना है। शिविर में अधिकांश बैंक कर्मी उपस्थित थे।
