लाखों की लागत से बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लेकिन रास्ते में कीचड़: पाकुड़िया के गणपुरा में मरीज और तीमारदार बेहाल

बरसात में कीचड़ और जलजमाव के कारण मरीजों को हो रही भारी परेशानी

लाखों की लागत से बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लेकिन रास्ते में कीचड़: पाकुड़िया के गणपुरा में मरीज और तीमारदार बेहाल
पाकुड़िया के गणपुरा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक कीचड़ और जलजमाव से भरे रास्ते से गुजरते मरीज एवं ग्रामीण।

पाकुड़ जिले के पाकुड़िया प्रखंड स्थित गणपुरा आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बरसात में दलदल बन गया है। लाखों रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य केंद्र तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और जलजमाव के कारण वाहन भी केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

पाकुड़: पाकुड़िया प्रखंड क्षेत्र के गणपुरा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक पहुँचने का रास्ता बरसात शुरू होते ही ग्रामीणों और मरीजों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च करके आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निर्माण तो करा दिया, लेकिन केंद्र तक पहुँचने के लिए एक पक्की सड़क तक नसीब नहीं हो सकी। नतीजतन, इस बारिश के मौसम में इलाज कराने आ रहे मरीजों को घुटने भर कीचड़ और जलजमाव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

गणपुरा और आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग प्राथमिक इलाज और जांच के लिए इसी आरोग्य मंदिर पर निर्भर हैं। एप्रोच रोड न होने के कारण पूरा रास्ता दलदल में तब्दील हो चुका है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों और गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक लाना किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं होता, क्योंकि कीचड़ के कारण वाहन मंदिर परिसर तक पहुँच ही नहीं पाते हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च कर चमचमाता भवन तो खड़ा कर दिया, लेकिन मुख्य मार्ग से केंद्र को जोड़ने वाली सड़क की सुध लेना भूल गए। ऐसे में सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। बारिश के दिनों में मजबूरीवश कई मरीज डर के मारे केंद्र तक जाने से भी परहेज करने लगे हैं।

प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए तुरंत स्वास्थ्य केंद्र तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को इस कीचड़ भरे रास्ते से निजात मिल सके और स्वास्थ्य सेवाओं का सही लाभ जरूरतमंदों तक पहुँच सके।

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Edited By: Susmita Rani
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Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.

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