संवेदक संघ का समाहरणालय के समक्ष धरना, रॉयल्टी चालान व्यवस्था खत्म करने की मांग
छह माह से लंबित बिलों के भुगतान को लेकर संवेदकों ने जताई नाराजगी
हजारीबाग में संवेदक संघ ने नया समाहरणालय परिसर के समक्ष एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर रॉयल्टी चालान व्यवस्था समाप्त करने, छह माह से लंबित विकास योजनाओं के बिलों का भुगतान करने और नई एसओआर लागू करने की मांग की। संघ के अध्यक्ष दीपक मेहता ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और संवेदकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
हजारीबाग: संवेदक संघ हजारीबाग के बैनर तले सोमवार को नया समाहरणालय परिसर के गेट के सामने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संघ के अध्यक्ष दीपक मेहता ने किया। अध्यक्षता संजय उपाध्याय ने की, जबकि संचालन रविन्द्र गुप्ता ने किया। जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में पहुंचे संवेदकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। धरना के बाद उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की गई।
धरना के दौरान संवेदकों ने “झारखंड सरकार होश में आओ”, “विभागीय अधिकारी होश में आओ”, “संवेदकों का बकाया भुगतान करो” और “रॉयल्टी नियम वापस लो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान रॉयल्टी चालान व्यवस्था के कारण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। साथ ही संवेदकों को आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के अध्यक्ष दीपक मेहता ने कहा कि सड़क, गली, नाली, भवन और बोरिंग समेत विभिन्न निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले बालू, मिट्टी, मोरम और ईंट के लिए रॉयल्टी चालान अनिवार्य किया गया है। लेकिन इन निर्माण सामग्रियों का वैध चालान कहां और किस व्यवस्था के तहत मिलेगा, इसे लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले इस समस्या का समाधान करे, इसके बाद ही चालान की अनिवार्यता लागू की जाए।

संवेदकों ने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में छह माह से अधिक समय से विकास योजनाओं के बिल लंबित हैं। भुगतान नहीं होने के कारण संवेदकों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। मजदूरों की मजदूरी, बैंक ऋण की किस्त और निर्माण सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं का बकाया चुकाना मुश्किल हो गया है। संघ ने सभी लंबित बिलों का तत्काल भुगतान कराने की मांग की।
धरना के दौरान संघ ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि रॉयल्टी नियमों में संशोधन नहीं किया गया और चालान की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संवेदक नई निविदाओं में भाग नहीं लेंगे। पूरे जिले में टेंडर का बहिष्कार किया जाएगा।

धरना-प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष पवन गुप्ता के अलावा संजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, पुरुषोत्तम कुमार देव, संजय यादव, विजय कुमार, राजेश कुमार, अशोक प्रसाद मेहता, चंद्रधारी प्रसाद मेहता, इंद्रजीत प्रसाद, सुरेंद्र प्रसाद मेहता, अमन कुमार मेहता, कुंदन प्रसाद मेहता, अभिषेक कुमार, दीनानाथ यादव, प्रवीन कुमार सिंह, विपुल नारायण, बादल कुमार, देवेंद्र कुमार पांडे, मिथिलेश कुमार, चंदन कुमार गुप्ता, पंकज कुमार सिंह, नागेंद्र शुक्ला, बृजेश सिंह, मंटू कुमार सिंह, बीरबल मेहता, राजकुमार, मुकेश कुमार सिंह, प्रियांशु चौहान, असलम राजा, राजू प्रसाद, पुरुषोत्तम देव, दीपक देव सहित बड़ी संख्या में संवेदक मौजूद थे।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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