चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य तिलक को पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति और ओम बिरला ने किया नमन
राष्ट्रीय नेताओं ने सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि
चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व अन्य ने आज चंद्रशेखर आजाद तथा लोकमान्य तिलक की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति ने एक्स पर कहा, "लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर, मैं भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। एक दूरदर्शी राजनेता, प्रख्यात विद्वान और निडर राष्ट्रवादी के रूप में, उन्होंने अपने अमर उद्घोष "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा" के माध्यम से स्व-शासन की भावना को जागृत किया। उनके नेतृत्व, लेखन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण ने पीढ़ियों को स्वतंत्रता और राष्ट्रीय चेतना के लिए प्रयास करने हेतु प्रेरित किया।"
वहीं, चंद्रशेखर आजादद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक चमकते हुए प्रतीक के रूप में, उन्होंने असाधारण साहस और देश के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण पेश किया। उनके जीवन ने अनगिनत युवा भारतीयों को मातृभूमि की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने की प्रेरणा दी। उनकी अमिट विरासत पीढ़ियों तक देशभक्ति की भावना को जगाती रहेगी।
बिरला ने कहा कि महान देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर उन्हें सादर नमन। राष्ट्र को समर्पित उनका संपूर्ण जीवन सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने अनगिनत युवा भारतीयों को देश के प्रति समर्पित होने के लिए प्रेरित किया। उनका दृढ़ संकल्प हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। भारत के स्वतंत्रता संग्राम की एक महान विभूति के रूप में, लोकमान्य तिलक ने राष्ट्रवाद की भावना को प्रज्वलित किया और भावी पीढ़ियों को जनसेवा के प्रति समर्पित होने के लिए प्रेरित किया।
अमित शाह ने कहा कि आजाद ने अपना सब कुछ देश के लिए समर्पित कर दिया और मातृभूमि की आजादी को ही अपने जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाया। काकोरी ट्रेन एक्शन के जरिए उन्होंने ब्रिटिश शासन को कड़ा संदेश दिया कि देश के संसाधनों पर केवल उसके नागरिकों का ही अधिकार है।उन्होंने क्रांतिकारियों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार की जिसने विदेशी शासन की नींव हिला दी। आज भी, उनकी वीरता की गाथा पढ़कर मेरे रोम-रोम में देशभक्ति का संचार हो जाता है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


