शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में डीसी का औचक निरीक्षण: व्यवस्थाओं पर जताई कड़ी नाराजगी
उप विकास आयुक्त रिया सिंह भी रहीं साथ मौजूद
हजारीबाग उपायुक्त हेमन्त सती ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण कर बिजली, सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल को डीजल देने से मना करने वाले पेट्रोल पंपों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सील करने और लचर सफाई व्यवस्था को दो दिनों में दुरुस्त करने का कड़ा निर्देश दिया।
हजारीबाग: उपायुक्त हेमन्त सती ने आज बुधवार को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। अस्पताल में लगातार उत्पन्न हो रही बिजली संबंधी समस्याओं के कारण चिकित्सा कार्य प्रभावित होने की सूचना पर उन्होंने विभिन्न वार्डों एवं विभागों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उप विकास आयुक्त रिया सिंह मौजूद थी।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सर्वप्रथम विद्युत विभाग के अभियंताओं से अस्पताल में बिजली आपूर्ति में आ रही बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल जैसे अत्यावश्यक संस्थान में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस दौरान विद्युत विभाग के अभियंताओं ने बताया कि अस्पताल के लिए समर्पित (डेडिकेटेड) फीडर स्थापित होने से बिजली संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा।


उपायुक्त ने कहा कि बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सौर ऊर्जा प्रणाली (सोलर सिस्टम) की क्रियाशीलता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जेरेडा (JREDA) के कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर अस्पताल परिसर में स्थापित सोलर सिस्टम की तत्काल जांच एवं मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कम से कम 500 लीटर डीजल का स्थायी स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया ताकि आपात स्थिति में जनरेटर संचालन बाधित न हो। साथ ही अस्पताल परिसर में खराब पड़े सोलर सिस्टम को शीघ्र मरम्मत कराने एवं विद्युत संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए तीन इलेक्ट्रीशियन को 24×7 तैनात रखने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इमरजेंसी कक्ष, रोस्टर ड्यूटी रजिस्टर, पंजीकरण काउंटर, ड्रेसिंग कक्ष, प्लास्टर कक्ष सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्स सफाई एजेंसी को अगले दो दिनों के भीतर संपूर्ण परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।
उपायुक्त ने प्रसव कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध बेड, मरीजों की संख्या, साफ-सफाई, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर मरीजों के परिजन बैठने की समुचित व्यवस्था के अभाव में इधर-उधर बैठे हुए हैं। इस पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि अधिक भीड़ वाले वार्डों एवं प्रतीक्षालयों में पर्याप्त संख्या में कुर्सियां, पंखे, पेयजल, शौचालय एवं आरओ सिस्टम की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बुधवार से दो अतिरिक्त स्त्री रोग विशेषज्ञ (गाइनी डॉक्टर) गायनी वार्ड में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
मॉड्यूलर गायनी ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बंद रहने पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को गुणवत्तापूर्ण वायरिंग एवं पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए इसे तत्काल चालू करने का निर्देश दिया।
रेडियोलॉजी विभाग के निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेडियोलॉजिस्ट को निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया। कई वार्डों में खराब पड़े वातानुकूलित यंत्रों (एसी) पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में मरीजों एवं उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटी-छोटी तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने शिशु वार्ड का निरीक्षण करते हुए एसए प्लांट को दुरुस्त करने, ऑक्सीजन आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने तथा अस्पताल की सभी लिफ्टों की नियमित क्रियाशीलता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के उपरांत उपायुक्त ने सिविल सर्जन सभागार में सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि सदर अस्पताल एवं शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में न केवल हजारीबाग बल्कि आसपास के जिलों एवं दूरदराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में गरीब एवं जरूरतमंद लोग इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में सभी चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं अस्पताल प्रबंधन संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है, लेकिन कार्य संस्कृति, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता की कमी के कारण आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षा एजेंसियां एवं सफाई एजेंसियां अपने दायित्वों का नियमित एवं प्रभावी ढंग से निर्वहन करें ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक में मेडिकल सुपरिटेंडेंट,सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, विद्युत विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
Anjali Sinha covers Jharkhand local news, breaking stories, and trending updates at Samridh Jharkhand. She focuses on ground reports, regional developments, and timely news coverage to keep readers informed with accurate and engaging stories. Passionate about journalism, she brings attention to stories that matter to the community.


