झारखंड में संसाधनों की लूट चरम पर, यह वसूली की सरकार है: सुदेश महतो
प्राकृतिक संसाधनों की लूट और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
धनबाद में आजसू पार्टी के 41वें स्थापना दिवस सह आक्रोश रैली में केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने झारखंड सरकार पर संसाधनों की लूट, भ्रष्टाचार और स्थानीय युवाओं की उपेक्षा के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बालू, लोहा और कोयले की खुलेआम लूट हो रही है तथा कोयला चोरी में संगठित गिरोह सक्रिय हैं।
धनबाद। आजसू पार्टी के 41वें स्थापना दिवस सह आक्रोश रैली के अवसर पर धनबाद के कोयला नगर स्थित नेहरू कॉम्प्लेक्स में आयोजित सभा में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में बालू, लोहा और कोयला जैसे प्राकृतिक संसाधनों की खुलेआम लूट हो रही है और पूरा तंत्र इसमें शामिल है।
सभा को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन जिन सपनों और संघर्षों के साथ हुआ था, आज वे उद्देश्य अधूरे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन, विनोद बिहारी महतो और ए.के. राय ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा स्थानीय लोगों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी राज्य के मूलवासी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
हेमंत सरकार पर साधा निशाना

कोयला चोरी की एनआईए जांच की मांग

उन्होंने कहा कि अपराधी खुलेआम पुलिस और प्रशासन के खिलाफ वीडियो जारी कर रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराई जानी चाहिए।
धनबाद में एयरपोर्ट की मांग
अपने संबोधन में सुदेश महतो ने धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि धनबाद झारखंड की आर्थिक राजधानी है और औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद अपेक्षित विकास से वंचित है। बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के लिए यहां एयरपोर्ट की आवश्यकता है।
संगठन मजबूत करने का संकल्प
रैली में सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, विधायक तिवारी महतो, पूर्व मंत्री रामचंद्र साहिस समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बड़ी संख्या में आजसू कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान नेताओं ने संगठन को और मजबूत करने तथा जनहित के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
झारखंड की अस्मिता की लड़ाई: रोहित प्रकाश प्रीत
आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव रोहित प्रकाश प्रीत ने कहा कि झारखंड आंदोलन की नींव जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए रखी गई थी, लेकिन आज वही मुद्दे फिर से जनता के सामने खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि संसाधनों से समृद्ध राज्य में स्थानीय युवाओं को रोजगार, किसानों को उचित मुआवजा और आम जनता को विकास का लाभ नहीं मिल रहा है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि धनबाद की धरती से उठी यह आवाज झारखंड की अस्मिता, अधिकार और भविष्य की लड़ाई का संकेत है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


