Deoghar News: नई पहल: आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ICPRD ने शुरू किया विशेष अभियान
30 चयनित गांवों में विकास की नई इबारत लिखेगा ICPRD
ICPRD ने देवघर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर "विकास से वंचित आदिवासी महिलाओं के संस्थानों का निर्माण" परियोजना का शुभारंभ किया। इसके तहत दुमका, गोड्डा और जामताड़ा के 30 गांवों में महिलाओं को नेतृत्व और अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
देवघर: इंडिपेंडेंट कमीशन फॉर पीपुल्स राइट्स एंड डेवलपमेंट (ICPRD) द्वारा झारखंड में आदिवासी एवं वंचित महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस संबंध में देवघर सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डॉ. नंदिनी अजद द्वारा प्रस्तुत की गई। ICPRD, जो वर्ष 1996 में स्थापित एक राष्ट्रीय स्तर का जन-अधिकार एवं विकास समर्थक संगठन है, समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों—विशेषकर महिलाओं, आदिवासी समुदायों, श्रमिकों, किसानों और युवाओं—के अधिकारों की रक्षा और समग्र विकास के लिए कार्य कर रहा है। संस्था नीति पैरवी, जन-संगठन, क्षमता निर्माण, शोध, प्रशिक्षण तथा विभिन्न संगठनों के बीच सहयोग और नेटवर्क निर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाती है।
पिछले दो दशकों में ICPRD ने देश के 21 राज्यों एवं 158 जिलों में लगभग 1000 से अधिक स्वैच्छिक संस्थाओं और सामुदायिक संगठनों के साथ मिलकर कार्य किया है। संस्था द्वारा समूह निर्माण, माइक्रो क्रेडिट कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण, सुशासन के मुद्दों पर संवाद, तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के विरोध में कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए गए हैं।

