दुष्कर्म और धमकी मामले में जिला परिषद सदस्य संतोष पासवान को बड़ा झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
पीड़िता ने दुष्कर्म, धमकी और अपहरण प्रयास के लगाए हैं आरोप
देवघर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम की अदालत ने जसीडीह थाना कांड संख्या 117/2026 में आरोपी जिला परिषद सदस्य संतोष कुमार पासवान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पीड़िता ने आरोपी पर दुष्कर्म, धमकी, अपहरण प्रयास और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
देवघर। देवघर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम मुकुलेश चंद्र नारायण की अदालत ने जसीडीह थाना कांड संख्या 117/2026 से जुड़े मामले में जिला परिषद सदस्य संतोष कुमार पासवान की अग्रिम जमानत याचिका (एबीपी संख्या 525/2025) खारिज कर दी है। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 तथा पूर्ववर्ती आईपीसी की धारा 376 से संबंधित है।
प्राथमिकी में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे सुरक्षा एवं रोजगार दिलाने का भरोसा देकर अपने पुनासी स्थित आवास पर बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी द्वारा लगातार वीडियो कॉल कर उसे एवं उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती रही।


मामले को लेकर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक, देवघर को आवेदन देकर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी तथा स्वयं, अपने पति और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इधर, अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायालय में सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगा।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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