Bokaro News: आर्यिका माताजी हादसे पर जैन समाज का फूटा गुस्सा: गोमिया में निकाला मौन जुलूस, बेरमो एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
22 मई की घटना सामान्य सड़क हादसा नहीं, हो उच्चस्तरीय जांच
राजस्थान के कोटा में विहाररत जैन आर्यिका माताजी के साथ हुए सड़क हादसे के विरोध में सोमवार को गोमिया, साड़म, पेटरवार, ललपनिया एवं जैनामोड़ के सकल दिगंबर जैन समाज ने संयुक्त रूप से मौन प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर-तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे समाज के लोगों ने घटना को संदेहास्पद बताते हुए इसकी एसआईटी (SIT) या न्यायिक जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें देश में 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति' और विहार मार्गों पर 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
गोमिया: राजस्थान के कोटा में विहाररत आर्यिका माताजी के साथ हुए सड़क हादसे को लेकर सोमवार को गोमिया अनुमंडल क्षेत्र में जैन समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया। सकल दिगंबर जैन समाज गोमिया, साड़म, पेटरवार, ललपनिया एवं जैनामोड़ के लोगों ने संयुक्त रूप से मौन प्रदर्शन कर संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाने और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।
समाज के महिला, पुरुष एवं युवा सदस्य हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण ढंग से सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। मौन जुलूस के माध्यम से समाज ने संतों की सुरक्षा को राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।प्रदर्शन के बाद जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में संजय जैन, मनोज जैन, शैलेश जैन, विकास जैन, पंकज जैन, रूचि जैन समेत कई लोग शामिल थे। ज्ञापन में संत समाज की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने, विहार मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।

इसके अलावा भारत सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाने की भी मांग की गई। समाज का कहना है कि देशभर में विहाररत संतों के लिए सुरक्षा और विशेष दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं, जिससे उनकी यात्रा सुरक्षित रह सके। प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद वास्तविक चालक फरार हो गया, जबकि किसी अन्य व्यक्ति को चालक बताकर गिरफ्तार किया गया है।
जैन समाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बचाया नहीं जाना चाहिए।जैन समाज के लोगों ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का सामाजिक तनाव पैदा करना नहीं है। समाज केवल इतना चाहता है कि भविष्य में संतों के साथ ऐसी दुखद घटनाएं न हों और उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर कदम उठाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
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