Bokaro Newas: तेतुलिया में वन भूमि की अवैध बंदोबस्ती का मामला फिर गरमाया, तत्कालीन डीएफओ की कार्रवाई चर्चा में
संदिग्ध अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
चास अंचल के तेतुलिया मोजा में वन विभाग की भूमि को अवैध तरीके से निजी लोगों के नाम हस्तांतरित और खरीद-बिक्री करने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। तत्कालीन डीएफओ रजनीश कुमार द्वारा इस पर की गई कानूनी कार्रवाई की वन बचाओ समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष विष्णु चरण महतो ने सराहना की है। उन्होंने सरकार से इस पूरे जमीन घोटाले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बोकारो: चास अंचल अंतर्गत तेतुलिया मोजा की वन विभाग की जमीन को गलत तरीके से बंदोबस्त कर खरीद-बिक्री किए जाने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले में तत्कालीन डीएफओ रजनीश कुमार द्वारा न्यायालय में मामला दर्ज कराए जाने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई थी। बताया जाता है कि वन भूमि को अवैध तरीके से बंदोबस्त कर निजी लोगों के नाम हस्तांतरित किए जाने की शिकायत लंबे समय से उठती रही थी।
सूत्रों के अनुसार तत्कालीन डीएफओ रजनीश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दस्तावेजों की जांच कर न्यायालय की शरण ली थी। उनके इस कदम के बाद कई लोगों में हड़कंप मच गया था। हालांकि बाद में उनका स्थानांतरण कर दिया गया, लेकिन अब यह मामला फिर सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि “सच आखिरकार सामने आ ही जाता है” और वन भूमि की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विष्णु चरण महतो ने कहा कि वन भूमि केवल सरकारी संपत्ति नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगी तो जंगल और पर्यावरण दोनों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
