डीपीएस बोकारो के राघव बने नंबर-1 बाल वैज्ञानिक, सात राज्यों के विद्यार्थियों को पछाड़ा
468 मेधावियों में राघव ने हासिल किया सर्वोच्च स्थान
डीपीएस बोकारो के छात्र राघव कृष्णा ने देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) 2025-26’ में सेंट्रल जोन में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर सहित सात राज्यों के प्रतिभागियों को पछाड़कर नंबर-1 रैंक हासिल की।
निर्मल महाराज
बोकारो: दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो के एक और प्रतिभावान छात्र ने विद्यालय का नाम शैक्षणिक उपलब्धियों के सुनहरे पन्नों में दर्ज किया है। देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रतिभा-खोज प्रतियोगिताओं में से एक, विद्यार्थी विज्ञान मंथन (वीवीएम) 2025-26 में विद्यालय के होनहार छात्र राघव कृष्णा ने वह कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। छठी कक्षा के छात्र राघव ने सात राज्यों के प्रतिभागियों को परास्त कर सेंट्रल जोन (केंद्रीय क्षेत्र) में ऐतिहासिक प्रथम स्थान (रैंक-1) हासिल किया है।
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इस सफलता के लिए राघव ने भी विद्यालय के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। विज्ञान भारती (विभा) की पहल के तहत भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और एनसीईआरटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय परीक्षा का उद्देश्य देश के कोने-कोने से छुपी हुई बाल-वैज्ञानिक प्रतिभाओं को तराशना और उन्हें भारतीय विज्ञान प्रणाली से अवगत कराना है। इस वर्ष की प्रतियोगिता में भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शीर्ष दो-दो विजेताओं के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, मस्कट और अन्य खाड़ी देशों के अंतरराष्ट्रीय स्कूलों के कुल 468 सर्वश्रेष्ठ मेधावियों ने हिस्सा लिया था।
16 घंटे के कड़े इम्तिहान में हर कसौटी पर उतरा खरा
आईआईटी गांधीनगर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शिविर कोई आम परीक्षा नहीं थी। दो दिनों के भीतर 16 घंटे से भी अधिक समय तक चली इस अनवरत दिमागी कसरत में विद्यार्थियों की योग्यता को कई स्तरों पर परखा गया, जिसमें गणित और विज्ञान से जुड़े जटिल प्रयोग, व्यक्तिगत साक्षात्कार, प्रस्तुति कौशल, डिजाइन थिंकिंग और रचनात्मक सोच जैसी अत्यंत कठिन विधाएं शामिल थीं। राघव की यह यात्रा पिछले वर्ष 28 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 के बीच आयोजित प्रथम चरण की देशव्यापी ऑनलाइन परीक्षा से शुरू हुई थी। प्रथम स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद जनवरी में विद्यालय के तीन छात्र झारखंड में अव्वल रहे थे और राघव के साथ-साथ चार छात्रों का चयन राष्ट्र स्तर पर हुआ था। इसमें राघव ने अंततः बाजी मार ली।
आईएएस अफसर बनना चाहता है राघव, सोशल मीडिया से है दूर
राघव ने कहा कि वह आगे चलकर एक आईएएस अधिकारी बनना चाहता है। गरीबों के जीवन स्तर में सुधार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना उसकी इच्छा है। वह अपने दादाजी स्व. के. पी. सिंह के जीवन के संघर्षों से गहरा प्रेरित है। ओएनजीसी की अधिकारी डॉली कुमारी एवं व्यवसायी चंदन कृष्णा के पुत्र राघव ने अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए बताया कि वह रोजाना 5 घंटे नियमित पढ़ाई करता है। सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर है और मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई से जुड़े कंटेंट को देखने के लिए ही करता है। पढ़ाई के अलावा राघव को क्रिकेट खेलना, साइकिलिंग करना, गाने सुनना और प्रेरणादायक किताबें पढ़ना बेहद पसंद है।
विद्यार्थी विज्ञान मंथन एक विज्ञान-आधारित राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षा है, जिसका आयोजन विज्ञान भारती द्वारा किया जाता है। यह राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, जो कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत है, तथा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, जो कि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है, के सहयोग से संचालित होता है। इसे कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान करना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और भारत की वैज्ञानिक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित करता है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
