सीजेपी का ऐलान: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा देशव्यापी छात्र आंदोलन
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त होने का किया स्वागत
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रेस वार्ता में सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने घोषणा की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक देशव्यापी छात्र आंदोलन जारी रहेगा। अभियान प्रमुख अभिजीत दिपके ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पेपर लीक मामलों पर कार्रवाई है।
नई दिल्ली: सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुक्रवार को देशव्यापी छात्र आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया।
अभियान प्रमुख अभिजीत दिपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, " देश के युवाओं की बहुत सरल और स्पष्ट एक ही मांग है। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री पद नहीं छोड़ देते। अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या सरकार इस मुद्दे को सुलझाना चाहती है, तो सिर्फ़ एक ही समाधान है। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि हमें बहुत खुशी और राहत है कि पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वे 26 दिनों से उपवास पर थे और उन्होंने छात्रों की भलाई के लिए हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। वे नहीं चाहते थे कि किसी भी छात्र के खिलाफ कोई मामला दर्ज हो और यही उनकी शर्त थी। हम सचमुच उनका शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। अपनी जान जोखिम में डालकर उन्होंने पूरे देश के लोगों को जगाया। सोनम ने इस देश और इसकी आने वाली पीढ़ियों के लिए जो किया है, उसे इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। पूरे देश में जागरूकता फैलाने के लिए यह कदम उठाने पर हम उनका धन्यवाद करते हैं। इससे बहुत बड़ा बदलाव आया है और उनकी कोशिशों की वजह से पूरे भारत में इतना बड़ा आंदोलन खड़ा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि आज सीजेपी ने सभी से देश के हर जिले में एक दिन के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इसका मुख्य उद्देश्य "हर जिला, एक दिन, एक मांग" के संदेश के तहत पूरे देश में एकजुटता प्रदर्शित करना है।
छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही सीजेपी के 'संसद चलो' मार्च की घोषणा के बाद 20 जुलाई को हजारों की संख्या में एकजुट हुए छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन जताय़ा। इसमें वे शिक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


