Mission 2029: वन नेशन-वन इलेक्शन और परिसीमन पर सरकार की बड़ी तैयारी, जानिए पूरा मामला

Mission 2029: वन नेशन-वन इलेक्शन और परिसीमन पर सरकार की बड़ी तैयारी, जानिए पूरा मामला
वन नेशन-वन इलेक्शन की तैयारी (ग्राफिक्स: समृद्ध झारखंड)

संसद में परिसीमन विधेयक के अटकने के बाद सरकार इसे दोबारा पेश करने की तैयारी में जुट गई है। 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले 'एक राष्ट्र एक चुनाव' विधेयक लाने की योजना भी बनाई जा रही है। पश्चिम बंगाल की जीत से उत्साहित भाजपा संसद में समर्थन जुटाने में लगी है। वहीं कांग्रेस ने सरकार से सभी दलों से सलाह-मशविरा करने और सही प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।

Delimitation Bill: केंद्र सरकार एक बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। जानकारी के मुताबिक, काफी समय से अटके पड़े परिसीमन विधेयक को अमल में लाने की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। सरकार चाहती है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संसदीय क्षेत्रों के पुनर्गठन का काम पूरा कर लिया जाए।

क्षेत्रीय क्षत्रपों को साधने की कवायद

यह मुद्दा बेहद नाज़ुक है, इसलिए सरकार किसी भी तरह की टकराहट से दूर रहना चाहती है। पर्दे के पीछे सहमति बनाने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्र ने कई क्षेत्रीय दलों से सीधी बातचीत शुरू कर दी है, जिनमें डीएमके, टीएमसी और अन्य क्षेत्रीय ताकतें शामिल हैं। इन चर्चाओं का मकसद यही है कि संसदीय प्रतिनिधित्व पर पड़ने वाले असर को लेकर जो आशंकाएं हैं, उन्हें पहले ही दूर किया जा सके।

वन नेशन-वन इलेक्शन की भी तैयारी तेज

इसके साथ-साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने वाले 'एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक' को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी जारी है। फिलहाल 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति इसकी समीक्षा कर रही है। एक नेता के मुताबिक विधेयक में जल्द संशोधन होगा और रिपोर्ट समय पर पेश कर दी जाएगी। जेपीसी का कार्यकाल मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

जोड़-तोड़ की राजनीति में लगी भाजपा

यह कवायद अप्रैल-मई के विधानसभा चुनावों के बाद तेज़ हुई है, जिनमें पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में टीएमसी और डीएमके को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा और विपक्षी गठजोड़ कमज़ोर पड़ा। सूत्रों के अनुसार डीएमके की हार और कांग्रेस के टीवीके सरकार में जाने के बाद पार्टी के कुछ नेता भाजपा के साथ चुनिंदा मुद्दों पर बात करने का मन बना चुके हैं। दूसरी तरफ भाजपा की नज़र पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर पनप रहे असंतोष पर भी टिकी है। संसद में इसका कब और कैसे असर पड़ेगा, यह भी भाजपा की आगामी रणनीति का अहम हिस्सा है।

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Edited By: Samridh Media Desk
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