World Thyroid Day 2026: महिला या पुरुष, किसे ज्यादा होता है थायरॉइड? जानें लक्षण, कारण और बचाव
थायरॉइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जानें महिलाओं और पुरुषों में किसे ज्यादा खतरा रहता है, इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके।
Thyroid Risk Men vs Women: आज के समय में थायरॉइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खराब लाइफस्टाइल, तनाव, हार्मोनल बदलाव और खानपान की गड़बड़ी के कारण बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर महिला या पुरुष, किसे थायरॉइड रोग का खतरा ज्यादा रहता है? आइए जानते हैं इस बीमारी के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके।
थायरॉइड क्या है और शरीर में इसका क्या काम है?
थायरॉइड गर्दन के सामने मौजूद तितली के आकार की एक छोटी ग्रंथि (Gland) होती है। यह शरीर में हार्मोन बनाती है, जो कई जरूरी कामों को नियंत्रित करते हैं।
- शरीर का मेटाबॉलिज्म
- वजन नियंत्रण
- हार्ट रेट
- शरीर का तापमान
- ऊर्जा स्तर
- दिमाग और मांसपेशियों की कार्यक्षमता

थायरॉइड के मुख्य प्रकार
1. हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism)
इस स्थिति में शरीर में थायरॉइड हार्मोन कम बनने लगता है।
इसके कारण शरीर की कई प्रक्रियाएं धीमी पड़ जाती हैं।
लक्षण:
- हर समय थकान महसूस होना
- अचानक वजन बढ़ना
- ज्यादा ठंड लगना
- कब्ज की समस्या
- बाल झड़ना
- त्वचा का रूखा होना
- सुस्ती और कमजोरी
- ध्यान लगाने में परेशानी
2. हाइपरथायरॉइडिज्म (Hyperthyroidism)
इसमें शरीर में जरूरत से ज्यादा थायरॉइड हार्मोन बनने लगता है।
इस वजह से शरीर की गतिविधियां असामान्य रूप से तेज हो सकती हैं।
लक्षण:
- तेजी से वजन कम होना
- घबराहट और बेचैनी
- दिल की धड़कन तेज होना
- ज्यादा पसीना आना
- हाथ कांपना
- नींद की समस्या
- चिड़चिड़ापन
मानव शरीर भी कमाल है, कभी इंजन स्लो कर देता है, कभी बिना वजह टर्बो मोड में चला जाता है।
महिला या पुरुष, किसे ज्यादा होता है थायरॉइड?
विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं में पुरुषों की तुलना में थायरॉइड का खतरा ज्यादा पाया जाता है।
कई रिपोर्ट्स के अनुसार महिलाओं में यह समस्या पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक देखी जाती है।
इसके पीछे कई वजहें मानी जाती हैं।
हार्मोनल बदलाव
महिलाओं के शरीर में समय-समय पर बड़े हार्मोनल बदलाव होते हैं।
जैसे:
- पीरियड्स
- प्रेग्नेंसी
- डिलीवरी के बाद का समय
- मेनोपॉज
इन बदलावों का असर थायरॉइड हार्मोन पर भी पड़ सकता है।
ऑटोइम्यून बीमारियां
थायरॉइड की कई समस्याएं ऑटोइम्यून डिजीज से जुड़ी होती हैं।
इसमें शरीर की इम्यूनिटी गलती से अपने ही थायरॉइड पर हमला करने लगती है।
महिलाओं में ऐसी बीमारियों का खतरा अधिक माना जाता है।
किन लोगों में थायरॉइड का खतरा ज्यादा रहता है?
कुछ लोगों में इस बीमारी का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है।
जोखिम बढ़ाने वाले कारण:
- परिवार में थायरॉइड की हिस्ट्री होना
- महिलाओं में बढ़ती उम्र
- गर्भावस्था
- लगातार तनाव
- मोटापा
- आयोडीन की कमी
- ऑटोइम्यून बीमारी
- अनियमित लाइफस्टाइल
थायरॉइड के शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
अगर ये संकेत लगातार दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
ध्यान देने वाले संकेत:
- बिना कारण वजन बढ़ना या घटना
- लगातार थकान रहना
- मूड स्विंग
- बाल तेजी से झड़ना
- ज्यादा ठंड या गर्मी लगना
- दिल की धड़कन में बदलाव
- नींद प्रभावित होना
शरीर कई बार पहले धीरे चेतावनी देता है। लोग उसे “थोड़ी कमजोरी होगी” कहकर टाल देते हैं। फिर टेस्ट रिपोर्ट आती है और सबको अचानक विज्ञान याद आ जाता है।
थायरॉइड की जांच कैसे होती है?
अगर लक्षण दिखाई दे रहे हों तो डॉक्टर कुछ जरूरी टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।
इनमें शामिल हैं:
- TSH Test
- T3 Test
- T4 Test
- जरूरत पड़ने पर थायरॉइड स्कैन या अल्ट्रासाउंड
इन जांचों से हार्मोन स्तर का पता लगाया जाता है।
थायरॉइड से बचने के लिए क्या करें?
हालांकि हर मामले में थायरॉइड को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ अच्छी आदतें जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं।
संतुलित खानपान रखें
- आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें
- हरी सब्जियां और फल खाएं
- पर्याप्त प्रोटीन लें
- ज्यादा जंक फूड से बचें
नियमित एक्सरसाइज करें
रोजाना शारीरिक गतिविधि हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकती है।
तनाव कम करें
लगातार तनाव हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित कर सकता है।
पर्याप्त नींद लें
रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर के लिए जरूरी मानी जाती है।
समय पर हेल्थ चेकअप करवाएं
अगर परिवार में इतिहास है या लक्षण दिख रहे हैं, तो नियमित जांच कराना बेहतर विकल्प हो सकता है।
थायरॉइड एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। यह बीमारी पुरुष और महिला दोनों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में इसका खतरा अधिक देखा जाता है।
अच्छी बात यह है कि समय पर जांच, सही खानपान, स्वस्थ जीवनशैली और उचित इलाज से थायरॉइड को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
अगर आपको लंबे समय से थकान, वजन में बदलाव, बाल झड़ना या हार्मोनल समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो इन्हें नजरअंदाज न करें। शरीर का “सिस्टम अपडेट उपलब्ध है” वाला नोटिफिकेशन अक्सर इसी तरह आता है।
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