Simdega News: 17.98 किलोवाट के सोलर माइक्रोग्रिड ने बदली बकीकोना की तस्वीर, सिंचाई और रोजगार को मिली रफ्तार
पहले केरोसिन और डीजल पंप पर निर्भर ग्रामीण अब सौर ऊर्जा से घरेलू और कृषि जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
सिमडेगा के केरसेई प्रखंड का बकीकोना गांव सौर ऊर्जा आधारित विकास की मिसाल बनकर उभरा है। लंबे समय तक बिजली से वंचित रहे 85 परिवारों को वर्ष 2025 में 17.98 किलोवाट क्षमता के सोलर माइक्रोग्रिड की स्थापना के बाद बिजली की सुविधा मिली।
सिमडेगा: जिले के दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सौर ऊर्जा आधारित पहल सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार की जन-केंद्रित विकास नीति और जिला प्रशासन, सिमडेगा के निरंतर प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा सुविधा का विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2026 में जिले के 6 प्रखंडों के 129 गांवों तक पहुंच बनाकर समावेशी विकास की दिशा को और व्यापक किया गया है।
केरसेई प्रखंड का बकीकोना गांव इस बदलाव का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है। यहां लंबे समय तक 85 परिवार विद्युत सुविधा से वंचित थे। ग्रामीण रोशनी के लिए केरोसिन और सिंचाई के लिए डीजल पंप पर निर्भर थे। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।
17.98 किलोवाट सोलर माइक्रोग्रिड से बदली तस्वीर

बिजली से शिक्षा और घरेलू सुविधाओं को मिला बढ़ावा
ग्रामीण माधुरी सामा मिंज के परिवार के लिए बिजली की सुविधा ने शिक्षा और घरेलू जीवन से जुड़े नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। बिजली आने से बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण तैयार हुआ और घरेलू कार्यों में भी सुविधा बढ़ी है।
वहीं किसान इमैनुअल तिर्की के लिए सौर ऊर्जा ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया है। सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई पंपों की उपलब्धता ने खेती को अधिक सुविधाजनक बनाया है और फसल विविधीकरण की संभावनाओं को भी मजबूत किया है।
TRI के सहयोग से जमीन पर उतरी पहल
इस बदलाव को धरातल पर साकार करने में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) ने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला प्रशासन, सिमडेगा के मार्गदर्शन, सहयोग और निरंतर समर्थन से इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया गया।
जिला प्रशासन के समन्वय तथा TRI के तकनीकी एवं सामुदायिक सहयोग से बकीकोना जैसे दूरस्थ गांव में स्थायी ऊर्जा समाधान विकसित किया गया। सौर ऊर्जा ने न केवल 85 परिवारों को रोशनी उपलब्ध कराई, बल्कि शिक्षा, सिंचाई, कृषि और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के लिए भी नए अवसर तैयार किए हैं।
बकीकोना की यह पहल दर्शाती है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और स्वच्छ ऊर्जा समाधान किस तरह बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण जीवन और आजीविका में व्यापक बदलाव ला सकते हैं।









