Delhi News: प्रधानमंत्री मोदी ने प्रकृति और पर्यावरण के सम्मान को बताया मानव अस्तित्व का मूल आधार
स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में सभी की भागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि के सम्मान को मानव अस्तित्व का मूल आधार बताते हुए देशवासियों से इनके प्रति कृतज्ञता और सेवाभाव अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण की भावना के साथ सभी को स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनना चाहिए।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि के सम्मान को मानव अस्तित्व के मूल में बताते हुए इनके प्रति कृतज्ञता और सेवाभाव अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना के साथ स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सभी सहभागी बनें।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज एक्स पर कहा, “प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि का सम्मान हमारे अस्तित्व के मूल में है। आइए, हम इनके प्रति पूरी कृतज्ञता और सेवाभाव के साथ एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनें।” इस अवसर पर उन्होंने सुभाषितम् साझा किया-
“शं नो द्यावापृथिवी पूर्वहूतौ शमन्तरिक्षं दृशये नो अस्तु।
शं न ओषधीर्वनिनो भवन्तु शं नो रजसस्पतिरस्तु जिष्णुः॥”
इस सुभाषितम् का अर्थ है कि आकाश और पृथ्वी हमारे लिए कल्याणकारी हों तथा अंतरिक्ष हमारे लिए सुखद और मंगलमय हो। औषधियां और वनस्पतियां हमारा कल्याण करें तथा प्रकृति के सभी तत्व और शक्तियां हमारे लिए शुभ एवं हितकारी सिद्ध हों।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.




