साहिबगंज में झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिले, युद्ध स्तर पर शुरू हुई धान रोपाई
49 हजार हेक्टेयर में धान की खेती को मिलेगी गति
साहिबगंज जिले में मंगलवार को हुई रुक-रुक कर तेज बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने खेतों में पानी भरते ही धान की रोपाई शुरू कर दी। अदरो, बड़ा-छोटा तौफीर, बड़गांव समेत 20 से अधिक गांवों में सुबह से ही रोपाई का काम तेज हो गया।
साहिबगंज: मंगलवार को रुक-रुक कर तो कभी हुई मूसलाधार बारिश ने जिले के किसानों के लिए संजीवनी का काम किया है। पिछले कई दिनों से आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों की चिंता अब खुशी में बदल गई है। बारिश के बाद खेतों में 3 से 4 इंच तक पानी जमा हो गया है, जिसके बाद सुबह से ही क्षेत्र में धान रोपाई का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया।
सूखे खेतों में फिर से दिखी हरियाली
लगातार हो रही बारिश से पहले तक जिले के अधिकांश खेत दरारों से भरे थे। किसान बिचड़ा तैयार कर चुके थे, लेकिन पानी के अभाव में रोपाई नहीं कर पा रहे थे। परंतु मंगलवार की झमाझम बारिश ने सब कुछ बदल दिया। अदरो, बड़ा व छोटा तौफीर, बड़गांव सहित आस-पास के 20 से अधिक गांवों में सुबह से ही खेतों में हल चलने की आवाजें गूंजने लगीं। महिलाएं और पुरुष दोनों ही समूह बनाकर खेतों में रोपाई में जुट गए।
"इंतजार खत्म हुआ, अब तेजी से होगा काम" - किसान

कृषि विभाग: खरीफ की रफ्तार बढ़ेगी

मानसून की चाल से बंधी उम्मीद
किसानों का कहना है कि इस बार मानसून समय पर आया था और उसकी चाल भी ठीक है। अगर आगे भी इसी तरह बारिश होती रही तो न सिर्फ धान बल्कि मक्का और सब्जी की फसल भी अच्छी होगी। खेतों में पानी भरते ही ग्रामीण बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। खाद, बीज और कीटनाशक की दुकानों पर किसानों की भीड़ देखी जा रही है। मजदूरों को भी रोपाई के काम से रोजगार मिल गया है। कुल मिलाकर मंगलवार की एक बारिश ने जिले के पूरे कृषि परिदृश्य को बदल दिया है। सूखे से मुरझाए चेहरे अब उम्मीद से चमक रहे हैं और खेतों में फिर से हरियाली लौट आई है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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