बजट सत्र के दूसरे दिन जल संसाधन व खाद्य आपूर्ति विभाग पर उठे सवाल
सबिता महतो ने चांडिल डैम विस्थापितों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया
झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों के पुनर्वास, किसानों की सिंचाई व्यवस्था, राशन वितरण और बाजार समितियों की बदहाली पर विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा। मंत्रियों ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
रांची : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही 11.05 बजे शुरू हुई। सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। प्रश्न काल सुचारू रूप से चला। इस दौरान ईचागढ़ की विधायक सबिता महतो ने चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों का अब तक पुनर्वास नहीं किया गया है। दो साल से कोई बैठक नहीं हुई है। इस पर जल संसाधन मंत्री हफीजुल अंसारी ने जवाब दिया कि विस्थापितों को पैसा दिया जा रहा है। 13 जगहों पर विस्थापितों को पैसा दिया गया है। बाकी को दिया जा रहा है।
इस पर विधायक सबिता महतो ने बताया कि सिर्फ 116 गावों के विस्थापितों को ही पैसा दिया गया है। बाकी को भी दिया जाये। इस पर मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि सभी को नियमानुसार पेमेंट किया जायेगा। वहीं डुमरी विधायक जयराम महतो ने किसानों के खेतों की सिंचाई को लेकर डैम बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हमें जवाब मिला कि सिंचाई के लिए डैम बनाया गया है। ऐसे एक गांव का भी नाम बतायें, जहां खेतों की सिंचाई डैम के पानी से हो रहा है।
इस पर मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि 4 लाख एकड़ से अधिक जमीन की सिंचाई डैम के पानी से हो रहा है। वहीं, विधायक जयराम महतो ने दूसरा सवाल उठाते हुए कहा कि डैम का निर्माण किसानों के जमीन पर होता है। लेकिन पानी कंपनियों को दिया जाता है। फिर किसानों के पुनर्वास में इतनी अड़चनें क्यों आती हैं? जब कंपनी को पानी मिल जाता है, तो किसानों के साथ भेद-भाव क्यों? इस पर जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन ने जवाब दिया कि अब हम लोग छोटे तालाबों का निर्माण करा रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि 2029-30 तक 4 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई की जायेगी। नए सिस्टम पर काम चल रहा है, ताकि अंडरग्राउंड पाइप लाइन से किसानों को पानी पहुंचाया जायेगा। विधायक हेमलाल मुर्मू ने सदन में खाद्य आपूर्ति विभाग से जुड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। सुदूर क्षेत्रों में बायोमेट्रीक सिस्टम से राशन नहीं मिल रहा है, क्योंकि इंटरनेट नहीं है।
मंत्री इरफान अंसारी ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि सत्यापन का काम चल रहा है। सुदूर क्षेत्रों में बायोमैट्रीक के सवाल पर कहा कि सरकार ने 2जी को 4जी मशीन उपलब्ध करा दिया है। सही समय पर अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, विधायक सरयू राय ने बाजार समितियां के खस्ता हाल का मामला उठाया।

Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
