प्रकृति ने वेनेजुएला में भूकंप के रूप में दिखाया रौद्र रूप: जे.पी. पांडेय

प्राकृतिक आपदाओं को मानवता के लिए चेतावनी बताते हुए लोगों से संवेदनशील बनने की अपील

प्रकृति ने वेनेजुएला में भूकंप के रूप में दिखाया रौद्र रूप: जे.पी. पांडेय
जे.पी. पांडेय (फाइल फोटो)

भाजपा किसान मोर्चा झारखंड के नेता एवं झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने वेनेजुएला में आए भूकंप पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे मानवता के लिए चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं हमें जीवन की नश्वरता और प्रकृति के महत्व का संदेश देती हैं।

रांची: भाजपा किसान मोर्चा, झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने वेनेजुएला में आए भूकंप पर गहरी चिंता एवं संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में धरती स्वयं ही नश्वर है, तो धरती पर रहने वाले जीव-जंतुओं की क्या औकात होगी।

उन्होंने कहा कि हम मनुष्यों को गंभीरता से इस बात पर विचार करने की आवश्यकता है कि आज वेनेजुएला में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया है। उसमें लगभग लाखों लोगों की मौत हो चुकी है तथा लाखों लोग घायल हो चुके हैं। इसके बाद सुनामी आने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है। कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह भरभराकर धरती पर गिर गई हैं तथा कई स्थानों पर धरती और सड़कें फट गई हैं। भूकंप का प्रभाव जापान में 6.5 तथा अमेरिका में 5.6 तीव्रता के रूप में भी देखा गया है, जहां जन-धन की क्षति हुई है।

उन्होंने कहा कि यह घटना हम मनुष्यों के लिए एक बड़ा संदेश छोड़ती है। आज हम बड़े-बड़े आलीशान महल, होटल और गगनचुंबी भवन बना रहे हैं, लेकिन यह हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जब धरती ही नश्वर है, तो इस धरती पर बने महलों की क्या हैसियत है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि वे समाज को यह संदेश दें कि जिन आलीशान भवनों, गाड़ियों और नए आविष्कारों पर हम गर्व करते हैं, वे सभी नश्वर हैं। हमारी वास्तविक पहचान मानव जाति के रूप में होनी चाहिए और हमें मानवता की भलाई के लिए कार्य करना चाहिए।

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जे.पी. पांडेय ने कहा कि इस धरती का विनाश कई बार हो चुका है और पुनः यह विनाश की ओर बढ़ती हुई प्रतीत हो रही है। उनके अनुसार, इस धरती पर प्रारंभ में केवल मानव धर्म था। समय के साथ इस्लाम, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और गायत्री धर्म सहित अन्य धार्मिक परंपराओं का विकास हुआ। वर्तमान में सनातन धर्म का स्वरूप हिंदुत्व के रूप में दिखाई देता है, जो धार्मिक ग्रंथों और पांडुलिपियों पर आधारित है।

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उन्होंने कहा कि सनातन समाज में विभिन्न जातियों का विभेदीकरण किया गया है, जिसका प्रभाव आज भी समाज में दिखाई देता है। कई राज्यों में हिंदू देवी-देवताओं को मांसाहारी जीवों की बलि चढ़ाई जाती है तथा उनका सेवन भी किया जाता है।

उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में मानव को सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है। इसके बावजूद हमसे प्रतिदिन अनजाने में अनेक प्रकार की हिंसा होती रहती है। कई राज्यों में ब्राह्मण परिवार भी मांसाहारी भोजन को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए हुए हैं।

उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर उपलब्ध सभी संसाधन—खाद्य पदार्थ, मांसाहारी जीव, पानी, सूर्य का प्रकाश, हवा और मिट्टी—मनुष्यों तथा अन्य जीवों के जीवन के लिए हैं। वास्तव में यह धरती एक मायानगरी है, जिसमें हम सभी उलझे हुए हैं। कोई भी जीव इस धरती का स्थायी निवासी नहीं है। यह मृत्यु लोक है और यहां जो आया है, उसे एक दिन नष्ट होना ही है। इसके बाद जीव 84 लाख योनियों में भटकता है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य के पास विवेक, अच्छे-बुरे का ज्ञान और भक्ति का मार्ग है। इसलिए हमें उस लोक की तैयारी करनी चाहिए, जहां जन्म और मृत्यु का चक्र नहीं है। इसे ही मोक्ष की अवस्था कहा जाता है। यदि हम उस दिशा में प्रयास करें, तो परमब्रह्म परमेश्वर की सेवा करते हुए आनंदमय जीवन प्राप्त कर सकते हैं।

अंत में उन्होंने कहा कि मानव की यही सोच हमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक संवेदनशील और जागरूक बना सकती है। अन्यथा कोरोना, सड़क दुर्घटनाएं, बीमारियां, महामारी, भूकंप, बाढ़, तूफान और सुनामी जैसी प्राकृतिक एवं अन्य आपदाओं से होने वाली जनहानि को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है। यदि मानव स्वयं जनसंख्या संतुलन स्थापित नहीं करेगा, तो प्रकृति अपने तरीके से संतुलन स्थापित कर देगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में घट रही प्राकृतिक घटनाएं समस्त बुद्धिजीवी मानव समाज के लिए एक बड़ी सीख हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि भूकंप जैसी मानवीय त्रासदियों में पीड़ित लोगों की सहायता के लिए कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करें। यही सच्चे मानवीय मूल्यों का पालन है।

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Edited By: Mohit Sinha
Mohit Sinha Picture

Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.

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