जलवायु परिवर्तन
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Read More... उल्टी चाल चलती दुनिया! क्या हम पर्यावरण की बात करने के अधिकारी भी हैं?
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By Mohit Sinha
धरती पर बढ़ता पर्यावरणीय संकट केवल सरकारों, उद्योगों या बड़ी कंपनियों की जिम्मेदारी नहीं है। हमारी अपनी जीवनशैली और लगातार बढ़ता उपभोग भी इस संकट को गहरा कर रहा है। अधिक उत्पादन के लिए अधिक ऊर्जा, अधिक परिवहन और अधिक प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल होता है। प्रकृति ने वेनेजुएला में भूकंप के रूप में दिखाया रौद्र रूप: जे.पी. पांडेय
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By Mohit Sinha
भाजपा किसान मोर्चा झारखंड के नेता एवं झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने वेनेजुएला में आए भूकंप पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे मानवता के लिए चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं हमें जीवन की नश्वरता और प्रकृति के महत्व का संदेश देती हैं। विश्व पर्यावरण दिवस 2026: युद्ध और प्रदूषण की आग में झुलसती पृथ्वी
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By Mohit Sinha
विश्व पर्यावरण दिवस पर आधारित यह विशेष लेख जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ युद्धों से पैदा हो रहे पर्यावरणीय संकट की पड़ताल करता है। लेखक मनोज कुमार ने खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष, तेल रिसाव, बढ़ते कार्बन उत्सर्जन, समुद्री जैव विविधता पर खतरे और वैश्विक प्रदूषण के प्रभावों को रेखांकित किया है। विश्व पर्यावरण दिवस पर बोकारो क्लब में सिट एंड ड्रॉ प्रतियोगिता का आयोजन
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By Susmita Rani
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा बोकारो क्लब में बच्चों के लिए ‘सिट एंड ड्रॉ’ प्रतियोगिता तथा अभिभावकों के लिए पर्यावरण प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। संस्कृति का प्रतीक संकट में: झारखण्ड में हाथी और मानव का टकराव
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By Susmita Rani
झारखण्ड में मानव–हाथी संघर्ष केवल वन्यजीव समस्या नहीं बल्कि सामाजिक, आर्थिक और पारिस्थितिक संकट बन चुका है। खनन, वन क्षरण, जल संकट और हाथी कॉरिडोर के अवरोध ने इस संघर्ष को गहराया है। यह लेख विकास और पर्यावरण संतुलन की अनिवार्यता को रेखांकित करता है। Climate कहानी : भविष्य की तकनीक पर दांव, आज की कटौती गायब, कार्बन रिमूवल पर ऑक्सफोर्ड की सख़्त चेतावनी
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By Climate कहानी
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की नई स्टडी चेतावनी देती है कि भविष्य की कार्बन रिमूवल तकनीकों के भरोसे आज उत्सर्जन घटाने को टालना जलवायु और कानून दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। रिपोर्ट कहती है कि निकट अवधि में तेज़ एमिशन कटौती अनिवार्य है। उत्तराखंड की आपदा: जब हिमालय ने तोड़ी चुप्पी, और हमारे तैयार न होने की चुकानी पड़ी कीमत
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By Climate कहानी
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलता। अरब सागर पर गर्म होती हवाएं, मध्य एशिया में तेज़ी से बढ़ते तापमान और दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का उत्तर की ओर झुकाव, ये सब मिलकर उत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्रों में बारिश के ‘तूफानी पैटर्न’ बना रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण बदल रहा है भारत के मानसून का मिजाज़
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By Samridh Jharkhand
फ़िलहाल भारत में मानसून आ चुका है, लेकिन मिजाज़ बदले बदले से हैं इस मौसम की घटना के। वैसे भी भारतीय मानसून एक जटिल परिघटना है और विशेषज्ञों की मानें तो जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग ने मानसून के बनने... न्यायसंगत एनर्जी ट्रांजिशन ही बेहतर और सार्थक रास्ता
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By Samridh Jharkhand
दुनिया में अक्षय ऊर्जा को अपनाने के प्रति बढ़ती होड़ के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर भविष्य के लिये जरूरी ऊर्जा रूपांतरण के इस काम में सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यावरणीय सरोकारों के साथ संतुलन बनाना बहुत जरूरी... चीन ने बनायी हाइब्रिड डीकार्बनाइज़ेशन रणनीति
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By Samridh Jharkhand
चरणबद्ध तरीके से होगा नेट ज़ीरो, ध्यान कार्बन नहीं, क्लाइमेट न्यूट्रल होने पर चीन ने, जलवायु परिवर्तन रोकने की अपनी प्रतिबद्धता के अंतर्गत, अपनी अब तक की सबसे महत्वपूर्ण डीकार्बनाइज़ेशन रणनीति बना ली है। दरअसल चीन के जलवायु सम्बन्धी मामलों... 




