Jharkhand Politics: लोकतंत्र का सर्वोच्च जनमंच है विधानसभा, बोले रबींद्र नाथ महतो
विधानसभा अध्यक्ष ने लोकतंत्र में सदन की भूमिका पर दिया जोर
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत दिवंगत नेताओं, शहीद जवानों और विभिन्न दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि के साथ हुई। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च जनमंच है और संविधान ने इसे कानून निर्माण, वित्तीय समीक्षा तथा सरकार को जवाबदेह बनाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं।
रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत गुरुवार को दिवंगत जनप्रतिनिधियों, प्रमुख हस्तियों, शहीद जवानों और विभिन्न हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। सदन में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संविधान ने विधानमंडल को सौंपी हैं अहम जिम्मेदारियां
सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च जनमंच है। उन्होंने कहा कि संविधान ने विधानमंडल को कानून निर्माण, राज्य की वित्तीय व्यवस्था और बजट की समीक्षा तथा कार्यपालिका को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इन दायित्वों का प्रभावी निर्वहन लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाता है।
अनुपूरक बजट और प्रश्नकाल रहेगा सत्र का प्रमुख एजेंडा

12 अगस्त को होगा गैर सरकारी सदस्य दिवस
राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा झारखंड विधानसभा का प्रदर्शन
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पीआरएस की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में देश की विधानसभाओं की औसत बैठक अवधि 24 दिन रही, जबकि झारखंड विधानसभा 30 दिनों तक संचालित हुई। उन्होंने इसे सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और संसदीय प्रतिबद्धता का परिणाम बताते हुए इस वर्ष भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
विकास और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की अपील
महतो ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में झारखंड के विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं, बल्कि संवाद, सहिष्णुता और विचारों के सम्मान की संस्कृति है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है तथा जनहित हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए।
दिवंगत नेताओं और शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
सदन में पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह, मन्नान मलिक, लक्ष्मण राम, पूर्व विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता और हरि राम, पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय सहित कई प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके अलावा साहित्य, कला, पत्रकारिता और खेल जगत की विभूतियों को भी याद किया गया। सदन ने जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शहीद हुए जवानों के साथ-साथ विभिन्न हादसों और आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता और मांडू विधायक ने उठाए स्थानीय मुद्दे
कार्यवाही के दौरान असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए झारखंड सरकार की ओर से तीन करोड़ रुपये की सहायता का उल्लेख किया गया। वहीं शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मांडू विधायक निर्मल कुमार ने अपने क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं, हाथियों के हमलों, वज्रपात और खदान धंसने की घटनाओं में मृत लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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